मतदान के लिए बढ़ेगा एक घंटा टाइम

 

लखनऊ। ‘चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने जानकारी दी कि 80 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को मतदान केेंद्रों पर नहीं आना पड़ेगा। उनके साथ ही दिव्यांगजन और कोरोना पॉजिटिव लोग भी चिंता में न रहें। इनका वोट लेने के लिए इलेक्शन कमीशन दरवाजे पर पहुंचेगा।’

चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि यूपी इलेक्शन में एक घंटे का टाइम बढ़ेेगा। कोविड प्रोटोकॉल के तहत पूरा चुनाव संपन्न कराया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर व्यापक रूप रेखा दी। इससे पहले उन्होंने सभी राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि चुनाव के दरमियान सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी। किसी भी तरीके की आपत्तिजनक पोस्ट पर कार्रवाई की जाएगी। राज्यों की सीमाओं पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रेस कांफें्रस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया कि यूपी चुनाव में कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा और इसको लेकर निर्वाचन आयोग ने हेल्थ सेक्रेटरी और मुख्य सचिव से बात की है। यूपी चुनाव में पोलिंग टाइम एक घंटे इस नाते बढ़ाया जाएगा क्योंकि सोशल डिस्टेंसिंग का पाल किया जा सके। सुशील चंद्रा ने बताया है कि पहले 1500 लोगों पर एक बूथ बनता था। अब एक बूथ पर 1250 वोटर मत दे सकेंगे। पोलिंग बूथों की संख्या 11 हजार बढ़ गई है। इस बार यूपी में 1 लाख 74 हजार 352 मतदान स्थल हैं। सभी जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि पोलिंग बूथ पर खुद जाएं और व्यवस्था देखें। यूपी में 800 पोलिंग बूथ ऐसे होंगे, जिसमें सभी कर्मचारी और सुरक्षा अधिकारी महिलाएं होंगी। सुशील चंद्रा ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने तय समय पर चुनाव कराने की मांग की। सभी पार्टियों ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए समय पर चुनाव होने चाहिए। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने बताया, उत्तर प्रदेश में विधान सभा का कार्यकाल 14 मई 2022 को खत्म हो रहा है और कुल 403 सीटों के लिए चुनाव होने हैं। भारत निर्वाचन आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, यूपी चुनाव प्रलोभन मुक्त हो, ये हमारी कोशिश है। बैठक के दौरान कुछ राजनीतिक दलों ने प्रशासन के पक्षपात रवैये की शिकायत की, हेट स्पीच और पेड न्यूज पर चिंता व्यक्त की। हमारा प्रयास स्वतंत्र, निष्पक्ष और कोविड सेफ चुनाव कराना है। सुशील चंद्रा ने बताया, जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि सभी राजनीतिक दलों की शिकायतों को सुनें और दूर करें।

यूपी में कुल 15 करोड़ मतदाता
सुशील चंद्रा के मुताबिक राज्य में लगभग 15 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं। कुल मतदाताओं की संख्या बढ़ सकती है। अब तक 52.8 लाख नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। जिनमें से 19.89 लाख मतदाता 18-19 आयु वर्ग के हैं। उन्होंने बताया, चुनाव आयोग की तरफ से 5 जनवरी 2022 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद भी अगर किसी का नाम छूट गया है तो वो अपना क्लेम फाइल कर सकते हैं और अपना नाम जुड़वा सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, पिछले चुनाव में महिला मतदाताओं का अनुपात 839-1000 था, लेकिन अब आयोग के प्रयासों से 859 का अनुपात हो गया है। 28.8 लाख महिला मतदाताएं नई शामिल हुई हैं। बताया कि यूपी में 10 लाख 64 हजार दिव्यांग मतदाता हैं। 80 वर्ष से ऊपर, दिव्यांग मतदाताओं और कोविड प्रभावित मतदाताओं को घर बैठकर वोटिंग का मौका दिया जाएगा।