बढ़ सकती हैं डॉ. डीपी सिंह की मुश्किलें, चार्जशीट दाखिल

राजेश्वरी उर्फ राखी हत्याकांड
(अतुल मुरारी/ दामोदर उपाध्याय)
गोरखपुर। आर्यन हॉस्पिटल के डॉ. डीपी सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। बता दें कि पत्नी/ प्रेमिका की हत्या के मामले में पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर चार्जशीट दाखिल कर दिया है। पुलिस ने राखी हत्याकांड में डॉ. डीपी सिंह के साथ दो अन्य प्रमोद कुमार सिंह निवासी बशारतपुर व देशदीपक निवासी चिलुआताल को भी आरोपी बनाया है। मामले में तीनों जेल से बाहर आ चुके हैं। डॉ. डीपी सिंह (धर्मेंद्र प्रताप सिंह) का गोरखपुर में आर्यन हॉस्पिटल के नाम से नर्सिंग होम है। वह कुशीनगर जिले के फाजिलनगर, थाना तुर्कपट्टी के मूल निवासी हैं। इनका एक मकान सरस्वतीपुरम रोड थाना शाहपुर में है। जहां पर मनीष कुमार सिन्हा अपनी पत्नी राजेश्वरी उर्फ राखी के साथ रहते थे। मनीष ने राखी के घर से गायब होने की सूचना २६ जून २०१८ को मुख्यमंत्री के पोर्टल पर दी। उसका यह कहना था कि ५ जून से उसकी पत्नी घर से लापता है। मोबाइल पर बात करने की कई बार कोशिश की लेकिन वह नहीं मिल रही। आशंका है कि मकान मालिक डॉ. डीपी सिंह व उनके रिश्तेदार अनहोनी कर सकते हैं। इस खबर के आम होते ही हडक़ंप मच गया। लखनऊ एसटीएफ ने डॉ. डीपी सिंह को उनके सहयोगियों के साथ गिरफ्तार किया। तब पता लगा कि राखी को डॉ. डीपी सिंह नेपाल ले गये थे। पोखरा में एक पहाड़ी से फेंक कर उसकी हत्या की बात सामने आई। घटना १७ मार्च २०१९ की है। इसके बाद लखनऊ से आए पुलिस अधिकारियों ने गोरखपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर हत्या से पर्दा उठाया। पुलिस ने डॉ. डीपी सिंह के साथ हत्याकांड में शामिल रहे दो सहयोगियों को भी जेल भेज दिया था। बाद में तीनों जमानत पर रिहा हुए। अब पुलिस ने मामले में पुख्ता सबूतों को तैयार कर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दिया है। जिससे डॉ. डीपी सिंह की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। बता दें कि मनीष कुमार सिन्हा निवासी जगदीशपुर मदुआडीह, थाना मोफ्शीप, जिला गया बिहार की शादी विलंदपुर शिवमंदिर गली निवासी राजेश्वरी उर्फ राखी से हुई थी।

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