सात डिग्री नीचे आया तापमान, पछुआ हवा ने बढ़ाई गलन

गोरखपुर। पूर्वी उत्तर प्रदेश में ठंड अपने चरम पर है। धूप, धुंध और बादलों के साए में सिमट कर रह गई है। रफ्तार से चल रही पछुआ हवाएं गलन बढ़ाकर लोगों को कांपने के लिए मजबूर कर रही हैं। बुधवार की सुबह गोरखपुर का रिकार्ड तापमान ठंड के प्रचंड स्वरूप की पुष्टि है। मंगलवार को यहां का अधिकतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो औसत अधिकतम तापमान से आठ डिग्री सेल्सियस कम है। न्यूनतम तापमान भी 9.4 डिग्री सेल्सियस से आगे नहीं बढ़ सका। यह औसत न्यूनतम तापमान से 7.4 डिग्री सेल्सियस कम है।
मौसम विभाग के मानक पर मंगलवार का दिन कोल्ड-डे रहा। बुधवार की सुबह भी धूप नहीं निकली। ऐसे में बीते पांच दिन से गोरखपुरवासियों को धूप का दर्शन नहीं हो सका है। मौसम विज्ञानी कैलाश पांडेय के मुताबिक गलन भरी ठंड का यह सिलसिला अभी जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जनवरी के पहले चार दिन का तापमान बीते चार वर्षों में न्यूनतम है।
बुधवार के मौसम के बारे में कैलाश पांडेय का पूर्वानुमान है कि एक बार फिर पूरे दिन धूप नहीं निकल सकती है। आसमान में बादल और धुंध बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। न्यूनतम तापमान के भी नौ डिग्री सेल्सियस से अधिक होने की उम्मीद नहीं है। दोपहर बाद पश्चिमोत्तर के पहाड़ों से आने वाली शुष्क और सर्द हवाओं की रफ्तार 10 से 15 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। मंगलवार को यह हवाएं 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलीं। ऐसे में सुबह लेकर देर रात तक कड़ाके की ठंड झेलने के लिए लोगों को तैयार रहना होगा।

सात से बूंदबांदी से आसार, 12 को हो सकती है बारिश
मौसम विज्ञानी ने बताया कि सात जनवरी से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबादी हो सकती है। यह सिलसिला नौ जनवरी तक चल सकता है। इसे लेकर बादलों के आने का सिलसिला बुधवार की शाम या गुरुवार की सुबह से ही शुरू हो जाएगा। इसके अलावा 12 जनवरी से हल्की बारिश के आसार भी बन रहे हैं। दोनों बार बारिश की वजह पश्चिमोत्तर भारत में बना पश्चिमी विक्षोभ होगा। एक पश्चिमी विक्षोभ बन गया है तो दूसरे के बनने की वायुमंडलीय परिस्थितियां तैयार हो रही हैं।