नारायणी नदी के मझधार में फंसी यात्रियों से भरी नाव

 

कुशीनगर। जिले में नारायणी नदी की बीच मझधार में 100 यात्रियों के साथ एक नाव फंस गई। इसका कारण इस जुगाड़ नाव का इंजन फेल होना बताया जा रहा है। पुलिस ने रात में ही छोटी नावों की मदद से सभी सवारों को सुरक्षित बाहर निकलवाया। चार महीने में चौथी बार इस तरह की घटना को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से नदी में नाव संचालन बंद करा दिया है। रात में दस बजे के करीब नारायणी नदी में बड़ी दुर्घटना होते-होते बची। 100 यात्रियों को लेकर बड़ी नाव नदी उस पार से बरवापट्टी घाट पर आ रही थी। इस दौरान तकनीकी खराबी के कारण नाव का इंजन फेल कर गया। इससे उस पर सवार सभी यात्री बीच मझधार में फंस गए। घबड़ाकर यात्री चीख-पुकार मचाने लगे। सूचना मिलते ही बरवापट्टी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र राव मौके पर पहुंचे और छोटी नाव के सहारे सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालकर उनके घर पहुंचवाया। थानाध्यक्ष की सूचना पर डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभाव से नाव का संचालन बंद करा दिया है। एसओ ने बताया कि अब नाव का संचालन अवैध माना जाएगा। बरवा पट्टी और आसपास के लोगों की खेती बिहार की सीमा में नदी के उस पार पड़ती है। इधर के कई लोगों ने उस पार के खेतों में छप्पर आदि डाल रखा है। वहीं मवेशियों को पालते हैं। रोज सुबह उस पार जाकर खेती करना और शाम को नाव के सहारे लौटना लोगों की दिनचर्या में शामिल है। नावों पर लोग बाइक, ट्रैक्टर-ट्रॉली व साइकिलों के अलावा भूसा-चारा आदि भी लादकर लाते हैं।