हाथी से उतरे नीलमणि, अब भाजपा में

धनघटा की राजनीति में अलग पहचान रखते हैं

 

गोरखपुर/संतकबीरनगर। संतकबीरनगर जिले के धनघटा (सु) विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले बसपा नेता नीलमणि ने घर वापसी कर ली है। आज भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। बता दें कि नीलमणि वर्ष 2012 में वर्तमान जिलाध्यक्ष जगदंबा लाल श्रीवास्तव, सदर विधायक जय चौबे व नगर पालिका चेयरमैन श्याम सुन्दर वर्मा के साथ ही भाजपा से निलंबित कर दिये गए थे। निलंबन से वह काफी मर्माहत हुए और भाजपा से इस्तीफा देते हुए बसपा का दामन लिया। तब से उन्होंने बसपा में रहते हुए विधानसभा क्षेत्र में अलग पहचान बनाई। नीलमणि के राजनीतिक सफर पर निगाहें डालें तो वह धनघटा क्षेत्र के विगत तीन विधानसभा चुनावों में बतौर प्रत्याशी अपनी अलग और सशक्त पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं। जब नीलमणि भाजपा से निलंबित हुए थे तब उन्होंने कहा था कि २०१२ में तीन नवंबर को भाजपा नगर कार्यालय पर कुछ शरारती तत्वों ने पार्टी नीतियों का उल्लंघन करते हुए चुनाव पर्यवेक्षक और पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से उनका और उनके समर्थकों का कोई संबंध नहीं था। घटना के वक्त वह जिले में मौजूद भी नहीं थे, लेकिन लोगों ने षड्यंत्र कर चुनाव पर्यवेक्षक को गुमराह कर उन्हें पार्टी से निलंबित करा दिया। उनकी छवि बिगाडऩे की भी कोशिश हुई। काफी विचार के बाद समर्थकों के साथ तब नीलमणि ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का निर्णय लिया।