भाजपा मंदिर बनाना नहीं बल्कि उसके नाम पर वोट चाहती है: अखिलेश

गोंडा। अगर भगवान श्रीराम का मंदिर बनाना चाहते तो एक वर्ष में बन जाता। भाजपा मंदिर बनाना नहीं बल्कि, उसके नाम पर वोट लेना चाहती है। समाजवादियों ने सिर्फ छह माह में ही भगवान परशुराम का मंदिर बना दिया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भाजपा पर जमकर बरसे। उन्होंने पूर्व मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। भाजपा सरकार की तुलना हिटलर सरकार से करते हुए कहा कि उनकी सरकार में एक प्रोपोगंडा मंत्री होते थे, इनकी सरकार में तो सभी प्रोपोगंडा मंत्री हैं। मुख्यमंत्री चुनाव लडऩे के लिए टिकट मांग रहे हैं, लेकिन कोई सुन ही नहीं रहा है। वह तो भाजपा के सदस्य भी नहीं है। जनता ही नहीं, पार्टी के लोग भी उनसे नाराज हैं। विज्ञापन में गलत तस्वीर छपवाकर दूसरों का काम खुद का गिना रहे हैं। भाजपा की जनविश्वास यात्रा पर तंज कसते हुए कहा कि इन्हें जनविश्वास यात्रा नहीं बल्कि, जनमाफी यात्रा निकालनी चाहिए। कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान इन्होंने मजदूरों को अनाथ छोड़ दिया था। घर जाने के लिए न तो साधन थे और न ही अस्पताल में दवा व आक्सीजन। पीएम ने हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्रा कराने का सपना दिखाया था, लेकिन हवाई यात्रा तो दूर गरीब की जेब काटकर अमीरों की तिजोरी भरी जा रही है। कमाई आधी और महंगाई दोगुणा हो गई। पंजाब की घटना को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को कार्यक्रम स्थल तक प्रधानमंत्री को जाने देना चाहिए था। कम से कम खाली कुर्सियों के बीच भाषण तो दे आते। उन्हें किसानों को बताना चाहिए कि तीन काले काननू क्यों लाएं और क्यों वापस लिया। आयकर विभाग की छापेमारी के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान में इस बार भाजपा फंस गई। उसने अपने ही करीबी के घर छापा डलवा दिया। जब सच्चाई सामने आई तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए अन्य लोगों के घरों छापे डालकर बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।