गोरखपुर। आईराड एप से हादसों के कारणों का चलेगा पता

सडक़ हादसों पर रोक लगाने के लिए सडक़ परिवहन मंत्रालय ने बनाया है एप
एप के जरिए हादसे की जानकारी नजदीकी अस्पताल व एंबुलेंस को भी हो जाएगी
गोरखपुर में भी सभी थानों में हुए हादसों की हो रही फीडिंग, हो चुका है एप का ड्राई रन

तूफान लाइव ब्यूरो
गोरखपुर। अब आईराड (इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस) मोबाइल एप के जरिए सडक़ हादसों के कारणों का पता चल सकेगा। जिसके बाद उन कमियों को दूर कर आए दिन होने वाले सडक़ हादसों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। गोरखपुर में भी इस मोबाइप एप पर काम शुरू हो गया है। जिले के सभी थानों में हुए सडक़ हादसों की डिटेल इस एप में भरी जा रही है।

एसपी यातायात आरएस गौतम ने बताया कि सडक़ हादसों पर नियंत्रण लगाने के लिए सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने आईराड एप तैयार किया है। इस एप में हादसों के कारणों उसका अध्ययन तथा लगाम लगाने के उपाय किए जा रहे हैं। इसके पूरी तरह लागू होने के बाद हादसों की जानकारी नजदीक के अस्पताल व एंबुलेंस को तत्काल हो जाएगी। जिससे समय रहते लोगों की जान बचाई जा सकेगी। इसके उपयोग से पुलिस, परिवहन, एनएचआई व चिकित्सा विभागों को काफी मदद मिलेगी। एसपी ने बताया कि गोरखपुर में इसका उपयोग शुरू हो चुका है। जिला सूचना विज्ञान अधिकारी रेखा गाडिया व रोल आउट मैनेजर रजत नेने द्वारा पुलिस व परिवहन विभाग को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

प्रशिक्षण में बताया गया कि इस एप को आईआईटी मद्रास के द्वारा तैयार किया गया है साथ ही इस एप को उपयोग करने के तरीके के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही इसके उपयोग के लिए जिले के दो थानों पर ड्राई रन करके लाइव प्रशिक्षण भी किया जा चुका है। एसपी ने बताया कि पुलिस सडक़ हादसे के बाद मौके पर पहुंचकर घटना की समस्त जानकारी जैसे समय,दिनांक, स्थान आदि को एप में भरेगी। तथा घटना से प्रभावित व्यक्तियों की समस्त जानकारी जैसे नाम, उम्र, पता, हादसे का कारण, फोटो, वीडियो व चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, वाहन नंबर आदि भी एप में दर्ज करेगी। जिस डाटा का अध्ययन कर हादसे के कारणों को दूर करने का उपाय किया जाएगा।

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