यूपी टीइटी परीक्षा: दागी संस्थान को कतई न बनाएं केन्द्र: सीएम

 

लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के दौरान सख्ती के साथ कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराने के आदेश दिए। राज्य में यह परीक्षा 23 जनवरी को होने वाली है। इसमें करीब 21 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। 28 नवंबर को पेपर लीक के कारण इसे निरस्त कर दिया गया था। सीएम योगी ने कहा, आगामी 23 जनवरी को प्रस्तावित शिक्षक पात्रता परीक्षा के सुव्यवस्थित आयोजन के संबंध में पुख्ता तैयारियां कर ली जाएं। कोविड प्रोटोकॉल का अनुपालन हो। हर केंद्र पर मास्क, सैनिटाइजर, इंफ्रारेड थर्मामीटर की उपलब्धता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा केंद्र निर्धारण में संस्थान के पिछले रिकॉर्ड को जरूर देखें। दागी/संदिग्ध छवि वाले संस्थानों को केंद्र कतई न बनाएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता के दृष्टिगत अपर मुख्य सचिव गृह और एडीजी कानून-व्यवस्था, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा के साथ जिलाधिकारियों, बेसिक शिक्षा अधिकारियों व परीक्षा आयोजन से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से व्यवस्थाओं की पड़ताल करें। इस दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घंटे में 2,16,152 कोरोना टेस्ट किए गए, जिसमें 15,622 नए कोरोना पॉजिटिव पाए गए। इसी अवधि में 12,402 लोग उपचारित होकर कोरोना मुक्त भी हुए। वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 1,06,616 है, इनमें से 1,02,211 लोग घर पर ही उपचाराधीन हैं।