हर वोट बेहद कीमती, हर किसी को बतानी होगी इसकी कीमत: पीएम

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज अपने चुनाव क्षेत्र वाराणसी के पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। 45 मिनट के इस संवाद के दौरान उन्होंने आठ भाजपा कार्यकर्ताओं से बात की और उनके विचार भी जाने। नमो एप के जरिए यह संवाद सुबह 11 बजे शुरू हुआ था। प्रधानमंत्री मुख्य रूप से बूथ अध्यक्षों के साथ चर्चा कर उन्हें जीत का मंत्र दिया। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद प्रधानमंत्री का यह पहला राजनीतिक कार्यक्रम था। बता दें कि सांसद बनने के बाद से पीएम 31 बार वाराणसी का दौरा कर चुके हैं।
पीएम ने क्या कहा: पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने गृह क्षेत्र वाराणसी में बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए कहा, हमें प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है। किसानों को रसायन मुक्त खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। हमें आजादी का अमृत महोत्सव के जश्न में सभी को जोडऩा चाहिए। हर वोट महत्वपूर्ण है, हमें लोगों को मतदान के महत्व को बताना चाहिए, पीएम नरेंद्र मोदी ने नमो ऐप के माध्यम से अपने गृह क्षेत्र वाराणसी में भाजपा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत करते हुए कहा। वाराणसी में दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडल के बूथ अध्यक्ष श्रवण कुमार रावत ने इस दौरान बाबा विश्वनाथ धाम के नए स्वरूप को लेकर पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। पीएम मोदी ने भी उनका हालचाल जाना। रावत ने ये भी बताया कि वो अपने पूरे परिवार के साथ बाबा का दर्शन करने गए थे।
पीएम मोदी का ये संबोधन जहां उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बेहद अहम माना जा रहा है वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों में ये कदम दूसरों के लिए दिशा दिखाने वाला होगा। आपको बता दें कि देश का सबसे बड़ा राज्य होने के चलते सभी पार्टियों का ध्यान उत्तर प्रदेश पर टिका हुआ है। भाजपा ने यहां के विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
चुनाव की तारीख की घोषणा होने से पहले ही पीएम मोदी समेत पार्टी के सभी बड़े नेता यहां पर चुनावी रैली कर चुके हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा चुके हैं। वाराणसी की ही बात करें तो खुद पीएम मोदी यहां पर लगातार आकर लोगों को नई-नई सौगात देते रहे हैं। हाल ही में जिस वाराणसी को दुनिया देख रही है और जो देश की एक नई पहचान के तौर पर सामने आ रही है उसका पूरा श्रेय पीएम नरेन्द्र मोदी को ही जाता है। यूपी में योगी आदित्यनाथ की सत्ता में वापसी के लिए पार्टी काफी हद तक भरोसे में हैं। इस बार यहां पर भाजपा का मुकाबला समाजवादी पार्टी से होता दिखाई दे रहा है। बीते कुछ दिनों में दोनों ही पार्टियों से नेता एक दूसरी पार्टी में गए हैं। वहीं कांग्रेस और बसपा दौड़ में काफी पीछे दिखाई दे रहे हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस चुनाव में उतरने से भी मना कर दिया है।