मातम में डूबा कुशीनगर, 13 लोगों की गई जान

कुएं में गिरे 30, 13 मरे, कई घायल

 

कुशीनगर।बुधवार की रात कुशीनगर के नौरंगिया में 13 लोगों की मौत हो गई। रात से ही गांव में मातम का माहौल। कई घरों के चूल्हे नहीं जले हैं। अचानक हुई दुर्घटना में एक साथ इतनी मौतों ने सबको हिलाकर रख दिया। हर कोई अवाक रह गया। मौके पर शवों का ढेर देखकर ग्रामीणों के साथ ही पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की भी आंखें भर आईं। गांव के लोग घंटों तक बदहवास रहे। कुशीनगर के नौरंगियां गांव में बुधवार की रात शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। हादसे में 13 लोगों के मारे जाने की सूचना मिलते ही चारों तरफ कोहराम मच गया। खुशी के माहौल के बीच दबे पावं आई कई लोगों की मौत ने खुद से सवाल और खुद से ही जवाब मांगने के हालात पैदा कर दिये। घटना की जानकारी होते ही डीएम और एसपी तत्काल मौके पर पहुंचे और घायलों को अस्पताल भेजा। मालूम हो कि नौरंगिया के स्कूल टोला निवासी परमेश्वर कुशवाहा के बेटे की बृहस्पतिवार यानी आज शादी तय थी। इसके लिए वैवाहिक रस्म के क्रम में महिलाएं हल्दी की रस्म अदायगी के दौरान गांव में स्थित कुआं पर मटकोड़ करने गई थीं। साथ में बच्चे भी गए थे। कुंआं पर बने ढक्कन व जगत पर पर कुछ लोग चढ़ गए जिससे स्लैब टूट गया। इसके बाद ३० लोग कुएं में गिर गए जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई। गांव के कुछ लोग मटकोड़ के दौरान महिलाओं और बच्चों को स्लैब पर चढऩे से मना भी किये, मगर हर किसी ने बात अनसुनी कर दी। नतीजा हुआ कि भार सहन न कर पाने की वजह से स्लैब टूट गया और उस पर सवार ३० लोग कुएं के अंदर चले गये। हादसे के बाद परमेश्वर कुशवाहा का पूरा परिवार सहम गया। परिवार के पुरुष डर से गांव छोडक़र फरार हो गए। इधर गांव के लोग भी हादसे को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात करते रहे। परिवार की महिला सदस्यों का कहना था कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्लैब टूट जाएगा। हालांकि जब लोग उस पर चढ़ रहे थे तो कई बार मना भी किया जा रहा था, लेकिन डांस देखने के दौरान हर किसी ने बात अनसुनी कर दी। घटना के बाद गांव में पहुंची पुलिस ने परिवार के पुरुष सदस्यों की खोजबीन शुरू की तो पता चला कि सभी सदस्य गांव छोडक़र चले गए हैं। उन्हें डर था कि गांव के लोग आक्रोश में आकर उनके साथ कहीं दुव्र्यवहार न कर दें। हादसे में मृतकों के परिजनों को जिला प्रशासन ने 4-4 लाख रुपये मुआवजे का एलान किया है।