यूक्रेन संकट: यूएन में वोटिंग से दूर रहने पर कांग्रेस ने किया सरकार का समर्थन

नई दिल्ली। यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां हजारों भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। भारतीयों को वापस लाने के लिए आपरेशन गंगा चलाया गया है। इस मिशन के तहत कई भारतीयों को स्वदेश लाया भी जा चुका है। यूक्रेन के ताजा हालातों पर गुरुवार को विदेश मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक हुई। इस बैठक में 6 विभिन्न दलों के 9 सासंद शामिल हुए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भारतीय नागरिकों की निकासी और युद्ध को लेकर विपक्षी नेताओं के सवालों के जवाब दिए। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस बैठक में चीन और पाकिस्तान के रूस के करीब आने का मुद्दा उठाया। हालांकि उन्होंने कहा कि प्राथमिकता अभी यूक्रेन से छात्रों को निकालना है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमें प्रतिक्रिया में देर हुई और एडवाइजरी भ्रमित कर रही थी। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों को उनकी शैक्षणिक स्थिति के बारे में संदेह था, यूक्रेन सरकार स्थिति पर आश्वासन दे रही थी। विदेश मंत्री ने इवैक्यूएशन और वर्तमान स्थिति पर प्रेजेंटेशन दी। कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र में मतदान से दूर रहने के सरकार के रुख का समर्थन किया। सलाहकार समिति की बैठक में कांग्रेस की तरफ से राहुल गांधी, आनंद शर्मा और शशि थरूर भी शामिल हुए थे। बैठक के बाद शशि थरूर ने विदेश मंत्री की जमकर तारीफ की। थरूर ने ट्वीट कर कहा कि विदेश मामलों की सलाहकार समिति की आज शानदार बैठक हुई। व्यापक ब्रीफिंग और हमारे सवालों और चिंताओं के स्पष्ट जवाब के लिए विदेश मंत्री जयशंकर और उनके सहयोगियों को मेरा धन्यवाद। इसी भावना से विदेश नीति चलाई जानी चाहिए। थरूर ने आगे कहा कि हमने विदेश मंत्रालय से विस्तृत विवरण जारी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टियां हमारे नागरिकों को सुरक्षित घर वापस देखने की इच्छा में एकजुट हैं। जब राष्ट्रीय हितों की बात आती है तो हम सभी भारतीय एक हैं।