वाराणसी में कई जगह पर इवीएम में खराबी से मतदान प्रभावित, मधुबन में मतदान का बहिष्कार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 18वीं विधानसभा के गठन के लिए सातवें चरण का मतदान प्रारंभ हो गया है। नौ जिलों के 54 विधान सभा क्षेत्रों में मतदाता पोलिंग बूथ पर पहुंचे हैं, इससे पहले पोलिंग पार्टियों ने माक पोल से ईवीएम को परखा। नौ में सात जिलों की सभी सीट पर मतदान सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा, लेकिन नक्सल प्रभावित सोनभद्र के राबर्ट्सगंज व दुद्धी और चंदौली के चकिया विधानसभा में सुबह सात से शाम चार बजे तक वोटिंग की प्रक्रिया होगी।
वाराणसी में कई जगह पर ईवीएम में खराबी से मतदान प्रभावित: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सातवें चरण के मतदान में पहले दो घंटे यानी सात से नौ बजे के बीच में पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में कई जगह पर ईवीएम में खराबी आई। इनमें भी सर्वाधिक संख्या शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में है। सुबह सात बजे से शुरू मतदान प्रक्रिया के दौरान दस बजे तक वाराणसी के आठ विधानसभा क्षेत्रों में 17 ईवीएम मशीन खराब होने की शिकायत कंट्रोल रूम को प्राप्त हुई। निर्वाचन कार्यालय ने इसके बाद दूसरी मशीन लगाकर सभी जगह मतदान प्रक्रिया शुरू कराई। इसमें भी सर्वाधिक चार ईवीएम शिवपुर विधानसभा क्षेत्र में खराब हुई है। मऊ के मधुबन के धर्मपुर देवारा बूथ संख्या 266 पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया है। यहां पर दस बजे तक एक भी वोट नहीं डाला गया है। यहां ग्रामीणों में सरयू नदी की कटान के मुद्दे को लेकर नाराजगी है।
पहले दो घंटे में 54 विधानसभा क्षेत्रों में 8.58 प्रतिशत मतदान: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सातवें चरण के मतदान में पहले दो घंटे यानी सात से नौ बजे के बीच में नौ जिलों के 54 विधानसभा क्षेत्र में 8.58 प्रतिशत मतदान हो गया था। वाराणसी सहित नौ जिलों में मतदाता खासे उत्साहित हैं और सात बजे से ही लाइन लगाकर वोट डाल रहे हैं। नौ बजे तक मऊ में सर्वाधिक 9.99 प्रतिशत मतदान हो गया था जबकि सबसे कम 7.43 प्रतिशत मतदान भदोही में हुआ था। नौ बजे तक आजमगढ़ में 8.08, भदोही में 7.43, चंदौली में 7.69, गाजीपुर में 7.95, जौनपुर में 8.99, मऊ में 9.99, मिर्जापुर में 8.84, सोनभद्र में 8.35 तथा वाराणसी में 8.93 प्रतिशत मतदान हो गया था।
समाजवादी पार्टी इंटरनेट मीडिया पर बेहद सक्रिय है। मतदान में गड़बड़ी के साथ ही ईवीएम में खराबी की सूचना देने के लिए दस हेल्पलाइन नम्बर जारी करने के साथ ही सोमवार को भी मतदान प्रारंभ होते ही समाजवादी पार्टी में ईवीएम में खराबी की शिकयतों की झड़ी लगा दी। सपा ने जौनपुर के केराकत विधानसभा के बूथ नंबर-113, गाजीपुर के जमनिया विधानसभा के बूथ संख्या 46, मऊ के मधुवन विधानसभा के बूथ संख्या 154, गाजीपुर के गाजीपुर विधानसभा के बूथ संख्या 374, चंदौली के 354 मुगलसराय विधानसभा के बूथ संख्या 93, वाराणसी के अजगरा विधानसभा के बूथ संख्या 79, 84 व 93, चंदौली के चकिया विधानसभा के बूथ संख्या 300, गाजीपुर के जंगीपुर विधानसभा के बूथ संख्या 170, गाजीपुर के सैदपुर विधानसभा के बूथ संख्या 186, भदोही के औराई विधानसभा के बूथ संख्या 252, भदोही के भदोही विधानसभा बूथ संख्या 117,118,119 आजमगढ़ के दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 44, भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा के बूथ संख्या एक, मिर्जापुर के मझवा विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 419, आजमगढ़ के निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर एक तथा जौनपुर के मछली शहर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 47 पर ईवीएम खराब होने से मतदान बाधित होने की शिकायत की है। इतना ही नहीं समाजवादी पार्टी ने मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना विधानसभा क्षेत्र के बूथ संख्या 343 तथा 344 पर मतदाताओं पर भाजपा कार्यकर्ताओं पर अपनी पार्टी के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है।
मंत्री संजीव गोंड़ ने ओबरा में किया मतदान, अधिकांश मंत्रियों का पहले दो घंटे में ही मतदान का कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में सातवें तथा अंतिम चरण के मतदान को लेकर मतदाताओं के साथ प्रत्याशी के रूप में उतर रहे मंत्रियों में भी खाता उत्साह है। भारतीय जनता पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई ने सोमवार को भाजपा के मंत्रियों, सांसद तथा संगठन के पदाधिकारियों के मतदान का कार्यक्रम जारी किया है। इनमें से अधिकांश का पहले दो घंटे यानी सात से नौ बजे के बीच में वोट डालने का कार्यक्रम है। सोनभद्र की ओबरा विधानसभा क्षेत्र भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड़ ने अपनी पत्नी चोपन ब्लाक प्रमुख लीला के साथ बिल्ली मारकुंडी बूथ पर मतदान किया। वाराणसी में कैंट क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने कम्पोजिट स्कूल महमूरगंज में वोट डाला। सौरभ इस बार भी भाजपा के टिकट पर मैदान में हैं। इसी सीट पर कांग्रेस के पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा भी चुनाव लड़ रहे हैं। वाराणसी के वाराणसी उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल ने राजकीय बालिका विद्यालय मलदहिया में अपना वोट डाला। रविन्द्र जायसवाल के खिलाफ सपा ने अशफाक अहमद, कांग्रेस ने गुलराना तब्बसुम तथा बसपा ने श्याम प्रकाश जायसवाल को मैदान में उतारा है। स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ने कन्या प्राइमरी विद्यालय, शंकुलधारा में अपना वोट डाला है। यहां पर समाजवादी पार्टी से कामेश्वर दीक्षित उनको सीधी टक्कर दे रहे हैं।
विधानसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण में वाराणसी, आजमगढ़ और मीरजापुर मंडलों के नौ जिलों वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, मऊ, मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही की 54 सीटों पर मतदान हो रहा है। इस चरण में 2.06 करोड़ मतदाता 613 प्रत्याशियों का फैसला करेंगे। 613 में इनमें 75 महिला उम्मीदवार हैं। वर्ष 2017 में हुए विधान सभा चुनाव में इन 54 सीटों में से भाजपा 29, सपा 11, बसपा छह, अपना दल चार, सुभासपा तीन व निषाद पार्टी एक सीट जीती थी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम : नौ जिलों में कुल 12,210 मतदान केन्द्र के 23,614 मतदेय स्थलों पर वोट डाले जा रहे हैं। सातवें चरण में कुल 548 आदर्श मतदान केंद्र और 81 पिंक बूथ बनाए गए हैं जिनमें ड्यूटी पर तैनात सभी कार्मिक महिला हैं। अंतिम चरण में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा के खास इंतजाम हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर पर्याप्त संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती है। सभी जगह इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रांग रूम की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी अर्धसैनिक बलों को सौंपी गई है। पड़ोसी राज्यों के साथ उप्र की सीमाओं पर नाकेबंदी की गई है।
50 प्रतिशत बूथों पर लाइव वेबकास्टिंग: मतदान पर नजर रखने के लिए हर जिले के 50 प्रतिशत मतदेय स्थलों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है जिसकी जिला निर्वाचन अधिकारी, मुख्य निर्वाचन अधिकारी और भारत निर्वाचन आयोग के स्तर पर की जाएगी। आवश्यकतानुसार वीडियो कैमरे की व्यवस्था भी की गई है।
प्रेक्षक भी रख रहे नजर: मतदान की निगरानी के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से 52 सामान्य प्रेक्षक, नौ पुलिस प्रेक्षक और 17 व्यय प्रेक्षक तैनात हैं। इनके अलावा, 1,621 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 195 जोनल मजिस्ट्रेट, 222 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2796 माइक्रो आब्जर्वर भी निगरानी करेंगे। निर्वाचन आयोग ने राज्य स्तर पर एक वरिष्ठ सामान्य प्रेक्षक, एक वरिष्ठ पुलिस प्रेक्षक और दो वरिष्ठ व्यय प्रेक्षक भी तैनात हैं।
सात मंत्रियों की परीक्षा: योगी सरकार के सात मंत्रियों की आखिरी चरण में परीक्षा होगी। उनमें वाराणसी की शिवपुर सीट से पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर, वाराणसी उत्तर से स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल, वाराणसी दक्षिण से पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नीलकंठ तिवारी, जौनपुर से आवास एवं शहरी नियोजन राज्य मंत्री गिरीश यादव, मीरजापुर की मडि़हान सीट से ऊर्जा राज्य मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, सोनभद्र की ओबरा सीट से समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड और गाजीपुर सदर सीट से सहकारिता राज्य मंत्री संगीता बलवंत शामिल हैं।
दिग्गजों की परीक्षा भी: अंतिम चरण में राजनीति के जो दिग्गज मैदान में हैं उनमें सपा के दुर्गा प्रसाद यादव आजमगढ़ तो योगी मंत्रिमंडल से त्यागपत्र देकर भाजपा छोड़ सपा में शामिल हुए दारा सिंह चौहान घोसी से चुनाव लड़ रहे हैं। सपा प्रत्याशी के तौर पर आजमगढ़ की फूलपुर पवई सीट से पूर्व सांसद रमाकांत यादव, शाहगंज से शैलेंद्र यादव ललई व निजामाबाद से आलमबदी आजमी, जौनपुर की केराकत सीट से बतौर सपा उम्मीदवार पूर्व सांसद तूफानी सरोज व जफराबाद सीट से सुभासपा प्रत्याशी जगदीश नारायण राय भी किस्मत आजमा रहे हैं। बाहुबलि छवि के विजय मिश्रा भदोही की ज्ञानपुर सीट से प्रगतिशील मानव समाज पार्टी, धनंजय सिंह जौनपुर की मल्हनी सीट से जदयू, सुशील सिंह चंदौली की सैयदराजा सीट से भाजपा और मुख्तार अंसारी के पुत्र अब्बास अंसारी मऊ सीट से चुनावी दंगल में ताल ठोक रहे हैं।