इलाज के बाद सोहगीबरवा जंगल में छोड़ा गया तेंदुआ

गोरखपुर। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान ने अपने नाम एक और उपलब्धि जोड़ ली है। प्राणी उद्यान के रेस्क्यू सेंटर में उपचार पा रहे 5 साल के नर तेंदुए को महराजगंज के सोहगीबरवा वन्यजीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के गनेशपुर बीट में सफलता पूर्वक छोड़ दिया गया। इस दौरान डीएफओ पुष्प कुमार के, एसडीओ राकेश चंद्र यादव, वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ डॉ. योगेश प्रताप सिंह, वन सुरक्षा टीम के कासिम अली, राजेश यादव समेत अन्य मौजूद रहे।
प्राणी उद्यान के निदेशक डॉ एच राजा मोहन ने बताया कि यह प्राणी उद्यान के रेस्क्यू सेंटर की बड़ी उपलब्धि है। यह पहला तेंदुआ है जिसे इतने लम्बे समय तक उपचार देने के बाद चिकित्सकों के दल की रिपोर्ट के आधार पर वापस जंगल में छोड़ा गया। अभी भी प्राणी उद्यान में दो तेंदुए हैं जिन्हें अभी महराजगंज से लाया गया एक मादा और बहराइच से लाया गया एक नर तेंदुआ और रेस्क्यू सेंटर में हैं। हमारी कोशिश उन्हें भी सकुशल उनके वन प्रवास में लौटाने की है। वन्यजीव प्रेमियों ने प्राणी उद्यान की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया है। हेरिटेज फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल कुमार तिवारी, मनीष मिश्र और हेरिटेज एवियंस के वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर आर्किटेक्ट अनुपम अग्रवाल ने प्राणी उद्यान प्रबंधन को शुभकामनाएं दी हैं। 8 दिसंबर को महराजगंज जिले के सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के उत्तरी चौक रेंज के टेढ़ीघाट बीट के सेमरहवा गांव के पास टेगरहना टोला में वन विभाग ने पिंजरे में तेंदुआ कैद किया था। पकड़े जाने के 14 दिन पहले इसने एक बच्चे की हमला कर जान ले ली थी। एक महिला और गाय पर भी हमला कर घायल कर दिया था।
तेंदुए के छोड़े जाने के पूर्व तीन सदस्यीय चिकित्सकों की टीम में शामिल डॉ. योगेश प्रताप सिंह, डॉ. एके पटेल व डॉ. वीके सिंह ने दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उन्हें स्वस्थ बताया है। रिपोर्ट के आधार पर तेंदुए को जंगल में छोडऩे के लिए मुख्य वन संरक्षक से अनुमति ली गई।