मुख्यमंत्री बघेल ने पेश किए प्रदेश सरकार का चौथा बजट

रायपुर (छत्तीसगढ़)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज अपनी सरकार का चौथा बजट पेश कर रहे हैं। इस साल भी बजट का फोकस किसान, गांव, गरीब के साथ कर्मचारियों पर है मुख्यमंत्री ने राज्य के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधियों का मानदेय भी बढ़ा दिया है। विधायक निधि की राशि 2 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 4 करोड़ रुपये कर दी गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार अब स्टील के ब्रिज बनाएगी। 47 स्टील ब्रिज का प्रस्ताव बनाया गया है। सीएम भूपेश ने 1 लाख 4 हजार करोड़ रुपये का बजट पेश किया है।
केलो परियोजना हेतु 90 करोड़ ,अरपा भैसाझार परियोजना हेतु 45 करोड़ ,समोदा परियोजना को पूर्ण करने हेतु 14 करोड़ का प्रावधान। सौर सुजला योजना हेतु 417 करोड़ का प्रावधान। अनुसूचित क्षेत्र में आदिवासियों के दिव्य स्थलों पर पूजा करने वाले पुजारियों बैगा गुनिया मांझी आदि को राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का लाभ दिए जाने की घोषणा। केलो परियोजना हेतु 90 करोड़ ,अरपा भैसाझार परियोजना हेतु 45 करोड़ ,समोदा परियोजना को पूर्ण करने हेतु 14 करोड़ का प्रावधान। इस योजना हेतु 1 हजार 675 करोड़ का प्रावधान। जगरगुंडा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं अहिवारा में एनआरसी की स्थापना हेतु 45 पदों का सृजन। पंचायत क्षेत्र में खदान संचालित करने हेतु ग्राम पंचायत की सहमति आवश्यक। जिला पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 25 हजार रुपये किया गया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष का मानदेय 15 हजार और जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय 10 हजार महीना। प्रदेश के थानों में 226 नए पदों पर होगी भर्ती। पुरानी पेंशन बहाली का ऐलान, 3 लाख कर्मचारियों को मिलेगा फायदा। यहीं नहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज बजट पेश करने के लिए गोबर का सूटकेस लेकर विधानसभा पहुंचे।