विश्व धूम्रपान दिवस: कंगना ने कहा-सेल्फ कंट्रोल से ही छूटती है बुरी लत

मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत ने आज विश्व धूम्रपान निषेध दिवस पर समाज के लिए बुरे लत का आदी न होने की सलाह दी साथ ही अपने जीवन के कुछ खराब अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि अब वह किसी बुरी लत की गुलाम नहीं। उनके ऊपर सिर्फ उनकी मर्जी चलती है। हालांकि एक वक्त था जब उन्हें सिगरेट की लत लग गई थी। कंगना ने एक बार बताया था कि कैसे सिगरेट न मिलने पर वह बौखला जाती थीं। किसी भी तरह से जुगाड़ करती थीं। उन्होंने जब कभी-कभी जब सिगरेट पीना शुरू किया था तो सोचा नहीं था कि वह इसकी आदी हो सकती हैं। हालांकि लोगों ने उनको चेतावनी दी थी लेकिन उन्हें लगता था कि इतनी बुरी चीज की आदत कैसे लग सकती है। आज कंगना रनौत ने अपनी जिन्दगी के कुछ हिस्से के बारे में लोगों के सामने साझा की।
धीरे-धीरे रखना शुरू किया पैकेट
कंगना ने बताया था, जब मैं 19 साल की थी तो वो लमहे फिल्म का शूट कर रही थी। मेरा जो कैरेक्टर था वो काफी ट्रामाटाइज्ड था। नर्वसनेस में स्मोक करती थी। मुझे आकर सिगरेट दी जाती थी। लोग बोलते थे बचकर रहना तुम्हें आदत न लग जाए। मैं सोचती थी कि इतनी गंदी चीज की कैसे आदत लग जाती है। मतलब खांसी आती है, उल्टी आती है, चक्कर सा आने लगता है। 6-7 महीने शूट करते हुए गुजर गए, मुझे नहीं लगा कि कोई आदत पड़ी है। कभी दोस्त आ गए तो उनसे कभी-कभी सिगरेट ले लेती थी। फिर धीरे-धीरे अपना पैकेट रखना शुरू कर दिया। फिर धीरे-धीरे 10 से 12 सिगरेट।
कंगना ने सेल्फ कंट्रोल से छोड़ीं बुरी आदतें
कंगना ने बताया, पेरेंट्स के सामने तो नहीं पी पाती थी। मगर एकदम से बौखला जाना। एकदम से लगता था पीना ही है। तो प्लॉटिंग, प्लानिंग करके, खिड़कियों से कूद जाना कैसे भी पीनी रहती थी। ऐसे लगता था कि किसी ने गुलाम ही बना लिया है। मुझे जब कोई चीज रूल करने लगती है तो विचलित होती हूं। फिर मैंने योगा सर से कहा कि जैसे किसी ने गुलाम बना लिया है। जो तलब आती है, इसके बाद ऐसी थकान सी होती है। जीवन में कोई चीज नहीं है जिसने मुझे ऐसे कंट्रोल किया हो। कंगना ने बताया था कि यह सिर्फ आपकी सोच है जिसने गुलाम बनाया है। आप त्याग को अपनाइए। आप किसी से भी कोई भी ताकत छीन सकते हो। कंगना ने बताया उन्होंने धीरे-धीरे स्मोकिंग छोड़ी। साथ ही ऐसे दोस्त और रिलेशन भी छोड़ दिए जो उनको नुकसान पहुंचा रहे थे।