फाजिलनगर में लगातार पिछड़ते जा रहे स्वामी, बीजेपी के सुरेन्द्र 7993 वोटों से आगे

 

कुशीनगर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 में जिन चंद सीटों की सर्वाधिक चर्चा होती रही, फाजिलनगर विधानसभा सीट उनमें से एक है। इस सीट पर स्वामी प्रसाद मौर्य सपा के उम्मीदवार हैं। इस सीट पर पोस्टल बैलेेट की गिनती पूरी हो गई हैै। यूपी के गैर यादव पिछड़े वर्ग के वोटरों में खास प्रभाव रखने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य ने ऐन चुनाव के पहले भाजपा का दामन छोड़ सपा का साथ पकड़ा तो राजनीतिक पंडित पूर्वांचल की राजनीति के समीकरणों की नए सिरे से व्?याख्?या करने लगे थे लेकिन चंद रोज बाद ही फिजा में बदली-बदली सी नजऱ आने लगी। डैमेज कंट्रोल में जुटी भाजपा को कांग्रेस के कद्दावर नेता आरपीएन सिंह का साथ मिला तो पडरौना सीट से तैयारी कर रहे स्?वामी अचानक अपनी सीट बदल फाजिलनगर पहुंच गए। फाजिलनगर में स्वामी को भाजपा के सुरेन्?द्र कुशवाहा से कांटे की टक्कर मिली है।
फाजिलनगर सीट पर स्वामी प्रसाद मौर्य लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। बीजेपी के सुरेन्द्र कुशवाहा फिलहाल 7993 वोटों से आगे चल रहे हैं।
सरेन्द्र कुशवाहा 5239 वोटों से आगे चल रहे हैं, स्वामी प्रसाद मौर्य पीछे।
तीसरे राउंड में भाजपा के सुरेन्द्र कुशवाहा को 11986, सपा के स्वामी प्रसाद मौर्य को 6747 वोट मिले।
स्वामी प्रसाद मौर्य एक बार फिर पीछे हो गए हैं।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बीजेपी के सुुुुुरेन्द्र कुशवाहा को पीछे कर दिया है।
शुरुआती रूझानों में स्वामी प्रसाद मौर्य पीछे चल रहे हैं। लेकिन बीजेपी उम्मीदवार ने भी वोटों से पीछा करना जारी रखा है।
फाजिलनगर सीट पर पर चनऊ और कुशवाहा बिरादरी के वोट प्रभावी भूमिका में रहते हैं। आज मतगणना में फाजिलनगर सीट के रूझान और परिणामों पर कुशीनगर से पूर्वांचल, पूरे उत्तर प्रदेश और दिल्ली की भी नजऱ है।
स्वामी ने सपा को जीत दिलाने के बड़े वादे किए थे। ऐसे में कड़े संघर्ष में उलझी सीट पर उनकी क्या स्थिति रहती है इससे सपा की स्थिति भी जुड़ी हुई है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव के ठीक पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। मंत्री पद से इस्तीफा देकर वह समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए थे। स्वामी प्रसाद मौर्य के पहले पडऱौना सीट से चुनाव लडऩे की चर्चा थी लेकिन आरपीएन सिंह के कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने फाजिलनगर से लडऩे का निर्णय लिया।
फाजिलनगर सीट पर स्वामी की बीजेपी के सुरेन्द्र कुशवाहा से कड़ी टक्कर रही। यहां तक कि चुनाव प्रचार खत्म होने वाले दिन पहले स्वामी और कुशवाहा के समर्थकों के बीच मारपीट तक हो गई। पुलिस ने इस मामलें में स्वामी की बेटी संघमित्रा मौर्य (बदायूं से बीजेपी सांसद) के खिलाफ केस भी दर्ज किया है।
स्वामी प्रसाद के बेटे अशोक मौर्य को भी मतदाताओं को प्रभावित करने के इरादे से क्षेत्र में रुपए बांटने के आरोप में हिरासत में लिया था। अशोक को जिले की सीमा से बाहर करके मतदान होने तक जिले में प्रवेश न करने की हिदायत दी गई थी। बाद में प्रशासन ने उनके खिलाफ भी आचार संहिता उल्?लंघन का केस दर्ज कर लिया था।
फाजिलनगर सीट पर बीजेपी, सपा और बसपा के बीच टक्कर होती आई है। पिछले दो चुनावों से इस सीट पर बीजेपी के गंगा सिंह कुशवाहा जीतते आ रहे है। यूपी की 403 विधानसभा सीटों में फाजिनगर सीट का नंबर 332 वां है। यह सीट देवरिया लोकसभा क्षेत्र में पड़ती है। देवरिया लोकसभा क्षेत्र में कुल पांच विधानसभा क्षेत्र हैं। फाजिलनगर उनमें से एक है। 2017 के चुनाव में फाजिलनगर सीट पर जीत का अंतर बढ़ गया था। तब बीजेपी के गंगा सिंह कुशवाहा ने सपा के विश्वनाथ को 41,922 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। उससे पहले 2012 के विधानसभा चुनाव में गंगा सिंह को बसपा के कलामुद्दीन से कड़ी टक्कर मिली थी। उस वक्त जीत का अंतर 5,500 वोटों से भी कम रहा। विश्वनाथ, 2007 में फाजिलनगर सीट से सपा के टिकट पर विधायक बने थे। फाजिलनगर विधानसभा सीट पर तीन मार्च को मतदान हुआ था। फाजिलनगर इस बार कुल 56.08त्न वोटरों ने मताधिकार का प्रयोग किया था। 2017 में 55.76त्न और 2012 में 55.13त्न मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।

फाजिलनगर में प्रमुख दलों के उम्मीदवार
बीजेपी + : सुरेंद्र कुशवाहा
सपा + : स्वामी प्रसाद मौर्य
बसपा – इलियास अंसारी
कांग्रेस : मनोज सिंह

फाजिलनगर विधानसभा : एक नजर में
सीट का नाम- 332 – फाजिलनगर
कुल मतदाता- 3,99,629
जिला- कुशीनगर
वर्तमान विधायक- गंगा सिंह कुशवाहा
पार्टी- भारतीय जनता पार्टी