120 तोतों के साथ धराए पिता-पुत्र

महराजगंज। मधवलिया रेंजर जगरनाथ प्रसाद की टीम व एसएसबी बरगदवां बीओपी के जवानों ने आधी रात बरगदवां गांव में एक मकान में बंधक बनाकर रखे गए 120 तोता को पकड़ा है। तोता शिकार कर तस्करी की नीयत से रखने के आरोप में वन विभाग ने बरगदवां निवासी पिता-पुत्र को पकड़ लिया है। दोनों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।
रेंजर जगरनाथ प्रसाद को सूचना मिली कि बरगदवां गांव में गोरख के मकान में शिकार कर तोता रखे गए हैं। इस पर वे अपने साथी वनकर्मी अभिषेक सिंह वन दारोगा, दिनेश नाथ त्रिपाठी वनदारोगा व वनरक्षक वीरेन्द्र मणि त्रिपाठी को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। वनकर्मियों ने इस अभियान में एसएसबी बरगदवां बीओपी के इंचार्ज विश्वदीपक त्रिपाठी को भी साथ ले लिया। गोरख के घर में छिपाकर रखे गए 120 तोता पकड़े गए। वनकर्मियों ने तोता के साथ गोरख व उसके पुत्र कुनमुन को भी पकडक़र रेंज परिसर ले आए। जहां इन दोनों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। रेंजर ने बताया कि तस्करों ने बार्डर क्षेत्र के ताल व जंगल से तोता का शिकार कर रखा था। तस्कर तोता इक_ा कर बाहर भेजने की फिराक में थे। उन्होंने बताया कि तोता शिकार करने के आरोप में दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। बरगदवां गांव में तोता के साथ पकड़े गए गोरख की मानें तो यहां से तोता को पकडक़र इक_ा किया जाता है। गोरखपुर व आजमगढ़ के सौदागर अपनी गाड़ी से यहां से तोता इक_ा ले जाते हैं। वहां तोता का मंहगे दाम पर सौदा कर बेच देते हैं। गोरखपुर शहर में भी तोता बेचने का कारोबार कुछ लोग करते हैं। 19 जनवरी 2016 को मधवलिया रेंज में पकड़े गए तोते भी बोलेरो गाड़ी से भेजे जा रहे थे। कहा जा रहा है कि आजमगढ़ का एक व्यक्ति तोता का सौदा करता है और कुछ दिनों में आकर गाड़ी से तोता उठा ले जाता है।
मधवलिया रेंज के मनिकापुर बीट से 19 जनवरी 2016 को रेंजर अशोक चन्द्रा ने पांच तस्करों को 250 तोता के साथ पकड़ा था। तस्कर अपनी बोलेरो गाड़ी से तोता गोरखपुर ले जा रहे थे। वनकर्मियों ने इन्हें गड़ौरा के पास पकड़ा था। इस दौरान शिकार में प्रयुक्त जाल भी पकड़ी गई थी। बोलेरो में सवार पांचों ने स्वीकार किया कि वे लोग तोता को जंगल से पकडक़र ले आ रहे हैं। पांचों व्यक्ति गोरखपुर शहर के निवासी थे और तोता को गोरखपुर में बेचने ले जा रहे थे।

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