छात्रों की परीक्षा कराने के लिए आगे आया जिला प्रशासन

नर्सिंग कॉलेज विवाद प्रकरण

 

गोरखपुर। राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन के बीच मामले के हल के लिए संवाद शुरू हो गया है। कॉलेज के संचालक डॉ अभिषेक यादव ने एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता और सीओ कैंट श्याम देव बिंद से मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि मान्यता को लेकर कोई विवाद नहीं है। हाईकोर्ट का आदेश है। प्रशासन कॉलेज को खुलवाए। प्रबंधन पढ़ाई व परीक्षा कराने को तैयार है। उन्होंने मौखिक आश्वासन दिया है कि वह छात्रों के बीच जाकर उन्हें बताएंगे कि मान्यता का मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
जंगल धूसड़ स्थित राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में फर्जी शासनादेश के आधार पर प्रवेश का मामला बीते दो माह से चल रहा है। इसकी वजह से करीब 12 सौ छात्रों का भविष्य संकट में पड़ गया है। इसको लेकर पीडि़त छात्र कई बार आंदोलन कर चुके हैं। शनिवार को छात्र इसी मामले को लेकर गोरखनाथ मंदिर में सीएम कैंप कार्यालय जा रहे थे। मंदिर के गेट के बाहर पुलिस ने छात्रों को रोक लिया था। मामले में छह नामजद छात्रों सहित 100 से अधिक लोगों के खिलाफ धारा 144 के उल्लंघन, हंगामा करने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया था। छह छात्रों की गिरफ्तारी भी की गई थी। इस बीच शनिवार की देर रात एक छात्र ने पुलिस लाइंस में पुलिस की मौजूदगी में दवा की ओवरडोज भी ले ली थी। जिला अस्पताल में उसका इलाज भी चल रहा है। प्रशासन ने विद्यार्थियों के दबाव में कॉलेज प्रशासन को सील भी कर दिया है।
फीस वापसी को लेकर कॉलेज प्रशासन राजी: प्रशासन की सख्ती को देखते हुए राज नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कॉलेज तुर्रा बाजार पिपराइच के संचालक डॉ. अभिषेक यादव विद्यार्थियों का पैसा वापस करने को तैयार हो गए हैं। एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम दास गुप्ता ने संचालक को तलब किया। संचालक ने विद्यार्थियों से बात कर उन्हें मनाने को कहा है। न मानने पर पैसा वापस करने का आश्वासन दिया है।
राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज में 2019-20 में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी फर्जी मान्यता को लेकर आंदोलित हैं। कॉलेज प्रशासन पर कूटरचित दस्तावेजों के सहारे मान्यता लेने का आरोप है। डीएम के निर्देश पर सीएमओ द्वारा की गई जांच में भी इस बात की पुष्टि हुई है। प्रशासन की ओर से कॉलेज को सील कर दिया गया है और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा को पत्र भी लिखा गया है। 2018-19 की छात्राओं ने डीएम से की मुलाकात राज नर्सिंग एवं पैरा मेडिकल कॉलेज में सत्र 2018-19 में प्रवेश लेने वाली एवं इस समय तृतीय वर्ष में अध्ययनरत छात्राओं ने दोपहर बाद जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने मुलाकात की। इस सत्र में कॉलेज की मान्यता थी। इन छात्राओं का सवाल था कि कॉलेज सील है तो वे परीक्षा कैसे देंगी। उनके बैच में 40 विद्यार्थी हैं। डीएम ने कहा कि किसी का नुकसान नहीं होगा। उन्होंने फोन पर प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा से बात की। शासन द्वारा सील न खोलने को कहा गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि इन विद्यार्थियों का किसी भी कीमत पर नुकसान न होने पाए इसलिए दूसरे कॉलेज में उनकी परीक्षा करा ली जाए। डीएम ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि उनके बैच की परीक्षा समय से कराई जाएगी।
जीएनएम के विद्यार्थियों ने प्रशासन से की मुलाकात
इस बीच जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी (जीएनएम) के तृतीय वर्ष क 60 छात्रों ने एडीएम प्रशासन से मुलाकात की है। छात्रों ने बताया है कि उनका एडिमशन सही है और उनकी दो वर्ष की परीक्षा हो चुकी है। दूसरी तरफ प्रशासन ने कॉलेज को सील कर दिया है। ऐसी स्थिति में तृतीय वर्ष की परीक्षा का संकट खड़ा गया है। प्रशासन ने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया है कि उनकी परीक्षा दूसरे कॉलेज में कराई जाएगी। इस पर विद्यार्थी निश्चिंत हुए।
इस बाबत एडीएम प्रशासन पुरुषोत्तम गुप्त ने कहा कि राज नर्सिंग एंड पैरामेडिकल कॉलेज के संचालक को बुलाया गया था। उन्होंने मौखिक आश्वासन दिया है कि वह छात्रों से बात करेंगे। अगर छात्र मान्यता की बात मान लेते हैं तो ठीक है, नहीं तो संचालक ने विद्यार्थियों का फीस वापस करने का आश्वासन दिया है।
उधर कॉलेज संचालक डॉ अभिषेक यादव ने कहा कि फीस वापस करने का आश्वासन नहीं दिया है। मैं छात्रों से वार्ता को तैयार हूं। कोर्स की मान्यता है। हाईकोर्ट की मुहर है। छात्रों को बरगलाया जा रहा है। कॉलेज सील होने से 16 कोर्स के छात्र परेशान हैं।