निर्भया के दोषी विनय की याचिका खारिज, होगी फांसी

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया कांड के चार दोषियों में से एक विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका की अस्वीकृति को चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और एएस बोपन्ना के साथ न्यायमूर्ति आर. भानुमति की अध्यक्षता वाली पीठ इस पर फैसला सुनाया है। विनय की याचिका खारिज होने के बाद अब उसके पास फांसी की सजा टालने के लिए कोई विकल्प नहीं बचा है। वहीं, मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति बेहोश हो गईं। इसके बाद उन्हें फौरन चैंबर में ले जाया गया।
दोषी विनय शर्मा के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका के जरिये दावा किया था कि उसके मुवक्किल की जेल में यातना के कारण दिमागी हालत खराब हो गई है। याचिका में मौत की सजा को उम्रकैद में तब्दील करने का कोर्ट से अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि विनय मनोवैज्ञानिक रूप से फिट है और उसकी मेडिकल स्थिति स्थिर है। दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया दुष्कर्म मामले में डेथ वारंट जारी करने की याचिका पर सुनवाई 17 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी थी। चारों दोषियों में से सिर्फ पवन के पास ही सुधारात्मक और दया याचिका का विकल्प है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने कहा कि मैं समझता हूं कि पवन के कानूनी वकील को भी थोड़ा समय मिलना चाहिए ताकि वह मुवक्किल का प्रभावी प्रतिनिधित्व कर सकें और दोषी को कानूनी सहायता महज दिखावा या सतही कार्रवाई जैसी नहीं लगे।
राष्ट्रीय राजधानी के वसंत विहार इलाके में 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ चलती बस में बहुत ही बर्बर तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इस जघन्य घटना के बाद पीडि़ता को इलाज के लिए सरकार सिंगापुर ले गई जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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