जवान को शहीद का दर्जा दिलाने को बवाल, लोगों ने की तोडफ़ोड़

गोरखपुर। जिले के झंगहा के राघोपट्टी निवासी आर्मी में हवलदार के पद पर तैनात धनंजय यादव का शव घर आते ही बवाल हो गया। बलिदानी का दर्जा, बहन को सरकारी नौकरी और एक करोड़ मुआवजा देने की मांग को लेकर स्वजन के साथ गांव के लोगों ने भोपा बाजार में हाईवे व रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। देवरिया हाईवे पर साढ़े सात घंटे आवागमन ठप रहा। रात को डीएम मौके पर पहुंचे तो भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पथराव शुरू कर दिया। जिसमें चौरीचौरा थानेदार समेत 10 पुलिस कर्मी घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने भागकर बचाई जान
डीएम और पुलिस अधिकारियों ने भागकर जान बचाई। बाद में अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आंसू गैस के गोले दागकर हालात पर काबू पाया गया। गुस्साई भीड़ ने पुलिस की आठ जीपों को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही एक बाइक में आग लगा दी। चौरीचौरा व झंगहा के राघोपट्टी में पीएसी के साथ ही भारी संख्या में फोर्स तैनात है।
राघोपट्टी गांव के रहने वाले धनंजय यादव 2014 में आर्मी में चयनित हुए थे। सिक्किम में उनकी तैनाती थी। 22 मार्च की शाम उनकी मौत हो गई। शुक्रवार को धनंजय का शव घर पहुंचा। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी के मौजूद न होने का आरोप लगाते हुए स्वजन के साथ गांव के लोग शव लेकर पहले नई बाजार चौराहा पहुंच गए। दोपहर डेढ़ बजे मैजिक से जवान का शव लेकर चौरीचौरा के भोपा बाजार चौराहा पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। धनजंय को बलिदानी का दर्जा देने के लिए आक्रोशित लोगों ने देवरिया हाईवे के साथ ही रेलवे ट्रैक पर आगवामन रोक दिया। बवाल बढऩे पर रात में डीएम विजय किरन आनन्द, प्रभारी एसएसपी सोनम कुमार मौके पर पहुंच गए।
डीएम के समझाने पर माने घरवाले
डीएम के समझाने पर परिजन जवान का दाह संस्कार करने को तैयार हो गए, लेकिन भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने अधिकारियों के साथ ही फोर्स पर पथराव करने के साथ ही सडक़ पर खड़ी पुलिस की जीप व राहगीरों के वाहनों में तोडफ़ोड़ शुरू कर दी। रात नौ बजे तक उपद्रवियों का हंगामा जारी रहा। स्थिति बिगडऩे पर चौरी चौरा में पूरे जिले की फोर्स बुलानी पड़ी। डीआइजी जे रविन्दर गौड, डीएम के साथ ही पीएसी व क्यूआरटी की टीम देर रात तक मौके पर मुस्तैद रही।