गोरखनाथ मंदिर हमला: प्रदेश सरकार ने एटीएस को सौंपी जांच

लखनऊ। गोरखनाथ मंदिर में बीती शाम पीएसी जवानों पर हमले के पीछे आतंकी साजिश भी हो सकती है। पुलिस का कहना है कि घटना के टेरर लिंक से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बीच यूपी सरकार ने घटना की जांच को एटीएस के हवाले कर दिया है। उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ भी आज शाम गोरखपुर पहुंच रहे हैं।
मुंबई से इंजनीयरिंग कर चुके आरोपी मुर्तजा ने सीएम योगी के मठ के बाहर सुरक्षा में तैनात जवानों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया था। इस दौरान वह धार्मिक नारे भी लगा रहा था। धारदार हथियार चलाते हुए उसने मंदिर के अंदर भी घुसने की कोशिश की। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा, एक व्यक्ति ने जबरन मंदिर परिसर में घुसने की कोशिश की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। आरोपी की पहचान अहमद मुर्तजा अब्बासी के रूप में हुई है, जो गोरखपुर का रहने वाला है।
एडीजी ने आगे कहा, केस को एटीएस को ट्रांसफर कर दिया गया है और हम टेरर एंगल से इनकार नहीं कर सकते हैं। घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। गोरखपुर के एसएसपी विपिन टाडा ने कहा, आरोपी ने धार्मिक नारा लगाते हुए जबरन गोरखनाथ मंदिर में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिसकर्मियों ने रोक लिया। टाडा ने कहा कि दो पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, उनका इलाज चल रहा है। एसएसपी ने आगे कहा कि आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 301 (हत्या का प्रयास) के अलावा अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। वहीं डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार ने घटना का संज्ञान लिया है।