उदित होते सूर्य को अघ्र्य दे महिलाओं ने तोड़ा निर्जला उपवास

गोरखपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विश्राम और सूर्य उपासना स्थली सूर्यकुंडधाम में चल रहे दस दिवसीय रामनवमी उत्सव के बीच चैती छठ महापर्व श्रद्धा और आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। गुरुवार को सायं अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य के पश्चात शुक्रवार की सुबह उदित होते सूर्य को अघ्र्य देकर सूर्यनारायण की आरती कर महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला उपवास तोड़ा। सूर्यकुंड धाम विकास समिति के तत्वावधान में चैती छठ महापर्व के अंतिम दिन सूर्यकुंडधाम विकास समिति के सचिव संतोष मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में ब्रह्म मुहूर्त में धाम के सूर्य मंदिर में पूरे विधि-विधान से सूर्यनारायण की पूजा-अर्चना की गई। सूर्यदेव की बहन छठ माता की भी पूजा की गई। आदित्य हृदय स्त्रोत एवं गायत्री मंत्र का सामूहिक पाठ किया गया। सूर्योदय होने पर भगवान सूर्यनारायण की आरती की हुई। इसी के साथ छठ व्रतियों ने सूर्यकुंड धाम सरोवर में कमर तक जल में खड़े होकर उगते सूर्य को दूध का अर्घ्य देने के बाद आरती कर व्रत का समापन किया। वातावरण सूर्यनारायण और छठ मैया के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर कनकलता मिश्रा, उमाशंकर तिवारी रघुनंदन शुक्ला, पलक सिंह, रंजना सिंह, डिंपल साहनी, अभिषेक राय, सनी निषाद, शिवांश राय, वर्षा पासवान, एवं विवेकानंद पांडेय आदि अनेकों लोग उपस्थित थे।