दस वर्षीया धावक बोली- सीएम योगी से कहूंगी… मुझे एथलीट बनने को दें संसाधन

 

प्रयागराज। लखनऊ में मुख्?यमंत्री योगी आदित्?यनाथ से मिलने के लिए प्रयागराज से दौड़ते हुए जा रही काजल 17 अप्रैल को राजधानी पहुंचेगी। सोमवार की सुबह पांच बजे वह फाफामऊ से पुन: अपने मिशन पर आगे बढ़ी। स्थानीय लोगों ने तालियों के साथ काजल का उत्साह बढ़ाया। 10 अप्रैल को शहर के सुभाष चौराहा से काजल ने अपनी 210 किमी की दौड़ शुरू की। सबसे पहले चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के समक्ष प्रणाम करने पहुंची। वहां आइटीबीपी के अधिकारियों ने काजल को सम्मानित किया। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हुई। फाफामऊ पुल पर मरम्मत का कार्य चलते रहने के कारण काफी देर से वह फाफामऊ पहुंची थी।
10 वर्षीय काजल प्रयागराज-लखनऊ रूट पर दौड़ रही है
कक्षा चार की छात्रा 10 वर्षीय काजल प्रयागराज-लखनऊ रूट पर दौड़ते हुए आगे बढ़ रही हैं। सोमवार की सुबह वह 10 बजे कुंडा से 12 किलोमीटर दूर फैमली रेस्टोरेंट तक पहुंच गई थी। जहां स्नान आदि के बाद वह विश्राम करेगी और शाम पांच बजे पुन: दौड़ते हुए कुंडा पहुंचेगी। कुंडा में जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया के आवास पर रात्रि विश्राम करेगी। मंगलवार की सुबह पांच बजे कुंडा से आगे के लिए रवाना होगी।
काजल ने कहा- सीएम से मिलकर अपने मन की करूंगी बात
काजल ने बताया कि वह सीएम से मिलने के लिए बहुत उत्सुक है। बोली कि मैं पहली बार सीएम से मिलूंगी और उनसे मिलकर अपने मन की बात करूंगी। मेरा सपना एथलीट बनकर पूरी दुनिया में तिरंगा फहराना और ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है लेकिन मेरे पर संसाधन नहीं है। अभाव के बीच केवल मेरा संकल्प ही मुझे आगे बढऩे के लिए प्रेरित कर रहा है। टीवी पर सीएम योगी से बच्चों का मिलना देखा है, मुझे लगता है कि वह मेरी मदद करेंगे।

कौन है काजल
काजल प्रयागराज के मांडा स्थित ललितपुर गांव की रहने वाली है। उसकी उम्र महज 10 वर्ष है। वह कक्षा चार की छात्रा है। काजल ने पूर्व में प्रयागराज से इंडिया गेट तक 720 किमी दौड़ लगाकर रिकार्ड बनाया था। इसके बाद प्रयागराज की इंदिरा मैराथन में दौड़ी और चार घंटा 22 मिनट, 25 सेकेंड में दौड़ पूरी की थी। हांलाकि मैराथन के नियमों के कारण काजल की यह दौड़ वैध नहीं थी और उसे कोई पुरस्कार या सम्मान नहीं मिला। हालांकि हजारों लोगों का दिल जीतकर काजल ने खूब चर्चा बटोरी थी। काजल का सपना एथलीट बनने का है लेकिन उनके इस सपने के सामने आर्थिक चुनौतियों ने डेरा डाला हुआ है। जिसे पार पाने के लिए अब वह एक नए सफर पर चल पड़ी है।
भीषण गर्मी में नहीं डिग रहे काजल के कदम
काजल अब 43-44 डिग्री तापमान के बीच दौड़ते हुए लखनऊ जा रही हैं। रविवार की देर शाम वह फाफामऊ पहुंची। सोमवार सुबह पांच बजे वह फाफामऊ से दौड़ते हुए कुंडा के पास पहुंच गई। सोमवार की रात कुंडा में विश्राम करेंगी। मंगलवार की सुबह ऊंचाहार, रायबरेली के रास्ते लखनऊ के लिए रवाना होंगी। 17 अप्रैल को वह लखनऊ पहुंचेगी। काजल के कोच रजनीकांत ने बताया कि काजल का जज्बा और स्टेमिना दुनिया के किसी भी एथलीट को मात देने वाला है। वह पूरी तरह से फिट हैं और प्रतिदिन विश्राम और धूप से बचाव के बीच लखनऊ पहुंचेगी।