पूर्वमंत्री निर्मल सिंह ने छोड़ी तीन पेंशन, विस अध्यक्ष को लिखा पत्र

चंडीगढ़। पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता निर्मल सिंह ने अपनी 4 में से 3 पेंशन छोडऩे के लिए विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को पत्र लिख दिया है। ऐसे में निर्मल सिंह ने अपनी घोषणा को अमलीजामा पहना दिया है। निर्मल सिंह ने कहा कि मैं पूर्व विधायक की 4 पेंशन में से 3 पेंशन छोड़ रहा हूं। हरियाणा के बच्चों की पढ़ाई, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के लिए यह पैसा इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आप नेता निर्मल सिंह ने शनिवार को चंडीगढ़ में अपनी चार पेंशन में से तीन पेंशन छोडऩे की घोषणा की थी। इस दौरान उनके साथ हरियाणा आप प्रभारी सुशील गुप्ता भी मौजूद थे। उन्होंने कहा था कि हरियाणा सरकार भी पंजाब की तरह एक विधायक, एक पेंशन का नियम लागू करें। इस फैसले से सरकार के करोड़ों रुपए बचे हैं। उन्होंने ऐलान किया था कि आप नेता एक से ज्यादा पेंशन नहीं लेगा। इसके बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने उनकी तारीफ की थी और कहा था कि पंजाब की हमारी सरकार ने आदेश ही कर दिया कि अब से एक एमएलए को एक ही पेंशन मिलेगी। मैं उम्मीद करता हूं कि हरियाणा सरकार भी ऐसा आदेश करने का साहस कर पाएगी। इस पर सीएम मनोहर लाल ने कहा था कि केजरीवाल की बुद्धि ठीक नहीं है, उसे 24 अप्रैल को पानीपत में आकर गुरुबानी सुननी चाहिए।
4 बार विधायक रहे नग्गल विधानसभा से
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह कांग्रेस में पहली बार 1982 में अंबाला के नग्गल हल्के से एमएलए बने और कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद 1991 में भी चुनाव जीते और कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद 1996 और 2000 का चुनाव भी जीते। इसके बाद वे परिसीमन होने के बाद नए विधानसभा क्षेत्र बनने के बाद अंबाला कैंट से चुनाव लड़े। परंतु उसके बाद वे चुनाव नहीं जीत पाए। वर्ष 2019 में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर आजाद चुनाव लड़े और हार गए। उनकी बेटी ने अंबाला सिटी से चुनाव लड़ा और वह भी हार गई।