यूपी के 19 जिलों में बिजली बिल जमा करने की खास सुविधा-अब मीटर रीडर घर से ही ले लेगा भुगतान

मध्याचंल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड का उपभोक्ताओं के लिए खास पहल
लखनऊ। अगर आप बिजली का बिल ऑनलाइन जमा नहीं कर पाते हैं या फिर ऐसी सुविधा नहीं है तो मीटर रीडर को बिजली का बिल जमा कर सकेंगे। मौके पर ही बिजली का बिल उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल पर आ जाएगा। यह व्यवस्था एक बार फिर से शुरू करने के निर्देश मध्यांचल एमडी अनिल ढींगरा ने दिए हैं। शुरू में कुछ बिजली उपकेंद्रों में शुरू की गई योजना पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ सकी थी और बीच में ही बंद हो गई थी।
नवनियुक्त एमडी ने वरिष्ठ अभियंताओं के साथ बैठक की और मध्यांचल के उन्नीस जिलों में यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मीटर रीडिंग में लगी एजेंसियां अपनी वैलेट रिचार्ज करवा लें, जिससे उपभोक्ता घर पर ही बिल निकलते ही बिल जमा कर सके। तत्कालीन प्रबंध निदेशक संजय गोयल के समय योजना को शुरू करने के प्रयास किए गए थे, लखनऊ के अमीनाबाद सहित कई खंडों में काम भी किया गया, लेकिन खंड और सर्किल में तैनात कई अधिशासी अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं ने इस प्रोजेक्ट में रुचि नहीं दिखाई। आने वाली छोटी मोटी कठिनाइयों को दूर करवाने के बजाए प्रोजेक्ट को बीच में ही छोड़ दिया।
एजेंसियों को जिम्मे था कि वह एक मीटर रीडर वैलेट को रिचार्ज कराएंगे और वह व्यवस्था को बनाए रखेंगे। यही नहीं बिजली उपभोक्ता को विश्वास दिलाएंगे कि यह व्यवस्था पूरी तरह से पारदर्शी है। इस प्रयास को कुछ अभियंताओं को छोडक़र किसी ने रुचि लेकर नहीं किया।
तुरंत आता राजस्व, कम होता बोझ: अगर उस समय मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड इस व्यवस्था को शुरू करवाता तो बिजली बिल मौके पर ही उपभोक्ता के घर पर मिलता। अभी बिल आने के तीन से पांच दिन में उपभोक्ता जमा करने आता है। कुछ उपभोक्ता माह के शुरुआत तो कुछ माह के बीच में बिल जमा करते हैं। कुछ फीसद उपभोक्ता ऐसे हैं, जो कनेक्शन कटने की तिथि से एक दिन पूर्व बिल जमा करते हैं। एमडी मध्याचंल अनिल ढींगरा ने कहा कि वैलेट रिचार्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। घर पर ही उपभोक्ता बिल जमा कर सकेंगे, उन्नीस जिलों में यह व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में आने वाले जिले- लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सुलतानपुर, अमेठी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती शामिल हैं।