ट्रांसजेंडरों के लिए गोरखपुर में बनेगा गरिमा गृह

गोरखपुर। गोरखपुर में ट्रांसजेंडर के लिए उत्तर प्रदेश का पहला ‘गरिमा गृह’ स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की इस योजना के अंतर्गत इस गरिमा गृह का उद्देश्य ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आश्रय प्रदान करना है। गरिमा गृह का संचालन ट्रांसजेंडरों द्वारा संचालित समुदाय आधारित संगठन के सहयोग से किया जाएगा। सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने यूपी ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की सदस्य किन्नर महामण्डलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरि की मौजूदगी में यह घोषणा की। विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय किन्नर कल्याण समिति की बुधवार को पहली बैठक हुई। कमेटी का गठन नवंबर माह में हुआ था। इस दौरान गरिमा गृह के निर्माण के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास वेद प्रकाश मिश्र को नोडल नियुक्त किया गया। गरिमा गृह में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को आश्रय, भोजन, चिकित्सा देखभाल, मनोरंजन, कौशल विकास एवं उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बैठक में समिति के नोडल जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी हेमंत सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह, मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अमरीश यादव के अलावा काफी संख्या में ट्रांसजेंडर मौजूद रहे। यूपी ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की सदस्य किन्नर महामण्डलेश्वर कनकेश्वरी नंद गिरि ने सीडीओ इंद्रजीत सिंह का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने संवेदनशील रुख अपनाते हुए उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक रूप से विचार किया। बैठक में सीडीओ इंद्रजीत सिंह ने सभी ट्रांसजेंडर से अपील की कि ‘ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए राष्ट्रीय पोर्टल’ पर खुद को पंजीकृत करें। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल देश में कहीं से भी एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति को प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के लिए डिजिटल रूप से आवेदन करने में मदद करेगा। बैठक के बीच ही एक ट्रांसजेंडर को उन्होंने पोर्टल पर पंजीकृत कराकर दूसरों को भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की ट्रांसजेंडर के लिए संचालित योजनाओं का लाभ पाने के लिए जरूरी है कि ट्रांसजेंडर स्वयं का पहचान पत्र बनाएं।