परिवार के एक ही सदस्य को ही मिलेगा किसान सम्मान निधि

अंबेडकरनगर। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का गलत तरीके से लाभ लेने वाले किसानों की अब खैर नहीं है। पात्र किसानों को जोडऩे एवं अपात्र किसानों को योजना वंचित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सोशल आडिट होगा जिसके लिए ग्राम पंचायतवार कैलेण्डर कृषि विभाग ने तैयार कर लिया है।
प्रभारी उपकृषि निदेशक एवं भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. राजमंगल चौधरी ने बताया कि सोशल आडिट गठित समिति में सम्बन्धित गांव के कृषि विभाग के कर्मचारी, लेखपाल, सचिव ग्राम पंचायत एवं ग्राम विकास अधिकारी सोशल आडिट का कार्य पूर्ण करेंगे। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतवार नौ मई से 30 जून तक के लिए कैलेण्डर तैयार कर लिया गया है। प्रथम चरण में ग्रामसभा के सार्वजनिक स्थल पर सूची चस्पा होगी और दूसरे चरण में लाभार्थियों को पढक़र सुनाया जाएगा तथा तीसरे चरण में अपात्र/छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के सूची तैयार कर सभी कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। चतुर्थ चरण में पात्र लाभार्थियों का पीएम किसान पोर्टल के ओपेन सोर्स पर पंजीकरण होगा। ग्रामसभा में सूची पढक़र सुनाते समय ऐसे लाभार्थी जो भूमिहीन अथवा मृतक हो गए हैं अथवा अन्य कारणों से अपात्र हैं उनको चिह्नित किया जाएगा। भूमिहीन के प्रकरण में लेखपाल एवं लाभार्थियों के मृत्यु के सम्बन्ध में सचिव ग्राम पंचायत प्रमाण पत्र देगें। सूची ऐसे परिवार जिनमें पति, पत्नी एवं नाबालिग बच्चे में से एक से अधिक लोगों की ओर से से पीएम किसान का लाभ यदि ले रहे हैं हो महज एक को ही मिलेगा। पोर्टल पर ग्रामों के तहसीलवार मैपिंग कतिपय त्रुटियों के कारण एक तहसील के ग्राम अन्य तहसील में प्रदर्शित होने पर कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय से ऐसे का ग्रामों का सोशल आडिट वास्तविक तहसील से करेंगे। उन्होंने बताया कि सभी भूमिधरी किसान परिवार जिनके नाम से कृषि योग्य भूमि है वे ही योजना के पात्र हैं।
पीएम किसान की अपात्र श्रेणी
संस्थागत भूमि स्वामी, भूतपूर्व और वर्तमान में संवैधानिक पदों पर पदस्थ, भूतपूर्व और वर्तमान पदस्थ मंत्री/राज्यमंत्री/लोकसभा/राज्य सभा/विधानसभा/राज्य विधान परिषद के पूर्व/वर्तमान सदस्य भी पीएम किसान का लाभ लेने के लिए अपात्र हैं। भूतपूर्व और वर्तमान नगर निगम के महापौर, भूतपूर्व और वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष, केन्द्रीय/राज्य सरकार के मंत्रालयों/कार्यालयों/विभागों तथा इसकी फील्ड इकाइयों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी केन्द्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रम और संलग्न कार्यालय/स्वायत संंस्थान और सरकार के अधीन स्थानीय निकाय के नियमित कर्मचारी ‘मल्टी टास्किंग स्टाप/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी के कर्मचारियों को छोडक़र’ सभी रिटायर्ड पेंशनर्स जिनकी मासिक 10 हजार रुपए या उससे अधिक है ‘मल्टी टास्किंग स्टाप/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी के कर्मचारियों को छोडक़र’, गत मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले सभी व्यक्ति, डाक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील, चार्टेड एकाउन्टेन्ट और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत व्यक्ति भी अपात्र हैं।