राशन सामग्री में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले पर सीबीआई ने सैन्य अधिकारी को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। पोर्ट ब्लेयर में तैनात सेना अधिकारी, एसएसओ (कॉन्ट्रैक्ट एंड विकचुअलिंग) लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक चंद्रा पर सीबीआइ ने घूसखोरी का मामला दर्ज किया है। सीबीआइ ने शुक्रवार को जानकारी दी कि कैंटीन और स्टोर के लिए राशन एवं अन्य सामग्री की खरीद में हो रहे भ्रष्टाचार के मामले पर संज्ञान लेते हु्ए एक सैन्य अधिकारी को गिरफ्तार किया गया। सीबीआइ के मुताबिक, फील्ड अधिकारियों की मिलीभगत से विभिन्न निजी आपूर्तिकर्ताओं से कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने के आरोप में सैन्य अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है।
सरकार ने जांच की मंजूरी दी
अधिकारियों ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि तत्कालीन एसएसओ (कान्ट्रैक्ट एंड विकचुअलिंग) लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक चंद्रा ने 2018 के दौरान विभिन्न आपूर्तिकर्ताओं से रिश्वत की मांग की थी। बता दें कि सरकार द्वारा सीबीआइ को अधिकारी के खिलाफ जांच आगे बढ़ाने की मंजूरी दिए जाने के बाद यह कार्रवाई शुरू हुई है। प्राथमिकी में दर्ज किए गए आरोप के मुताबिक, लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक चंद्रा ने 2018 में कोलकाता स्थित रोचक एग्रो फूड प्रोडक्ट्स लिमिटेड से जुड़े सुभम चौधरी और उनके प्रतिनिधि दयाल चंद्र दास के साथ रिश्वत के बदले निजी फायदे के लिए आपराधिक साजिश रची गई।
अभिषेक चंद्रा पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया है। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने बेस विक्टुअलिंग यार्ड, मिन्नी बे, पोर्ट ब्लेयर और अंडमान को बिना मूल्य वार्ता समिति के मसालों सहित खाद्य पदार्थों की आपूर्ति के लिए ठेका प्रदान करना सुनिश्चित किया है वहीं, बीवी यार्ड, पोर्ट ब्लेयर के साथ पिछले अनुबंध के लिए जमा उक्त कंपनी की बैंक गारंटी के बदले में उन्हें निजी फायदा पहुंचाया गया।
75,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई: बताते चलें कि चंद्रा ने कथित तौर पर चौधरी से 75,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। गौरतलब है कि मांग पर सहमति जाहिर करने के बाद चंद्रा को बताया गया कि उन्हें दो तरीके से पैसे दिए जा सकते हैं। पहला, अनुग्रह कंपनी को छोडक़र किसी दो चेकों के जरिए और दूसरा तनिष्क द्वारा गिफ्ट वाउचर के रूप में। चौधरी गिफ्ट वाउचर की व्यवस्था नहीं कर सके, इसलिए चंद्रा ने कथित तौर पर एनईएफटी के माध्यम से बोकारो में दो बैंक खातों में राशि जमा करवाई। चंद्रा पर यह भी आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पोर्ट ब्लेयर स्थित एक अन्य आपूर्तिकर्ता के प्रतिनिधि से तीन लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी।