जनता दर्शन में पुलिस अफसरों पर भडक़े सीएम योगी, बोले- थानों पर काम बिल्कुल नहीं हो रहा

गोरखपुर। क्या थानों पर बिल्कुल काम नहीं हो रहा? थाना दिवस और तहसील दिवस में अफसर करते क्या हैं? हत्या के मामलों में भी गिरफ्तारी नहीं हो रही, इसका मतलब पुलिस बिल्कुल काम नहीं रही। यह तो उदसीनता और अकर्मण्यता की स्थिति है। इसे हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को अपनी समस्या के निस्तारण के लिए बार-बार न दौडऩा पड़े।
नाराजगी के साथ सवाल, जवाब और निर्देश मिश्रित यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तब कहीं, जब उन्हें जनता दर्शन में एक हजार की संख्या में अपने समस्या कहने के लिए लोग पहुंचे दिखे। मुख्यमंत्री ने समस्या लेकर आए किसी भी व्यक्ति को निराश नहीं किया। पहले गोरखनाथ मंदिर के हिंदू सेवाश्रम में लोगों की समस्या सुनी और फिर पास के यात्री निवास में मौजूद लोगों के पास खुद ही चले गए। यही नहीं जनता दर्शन के बाद मंदिर कार्यालय के पास खड़े 100 से अधिक लोगों से उन्होंने पूरी सहृदयता से मुलाकात की। सभी को समस्या के जल्द निस्तारण के लिए आश्वस्त किया। जनता दर्शन के लिए मुख्यमंत्री ने करीब तीन घंटे का समय दिया।
गायों के साथ भी बिताया समय
दो दिन के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री की सुबह गोरखनाथ मंदिर में दिनचर्या परंपरागत रही। आवास से निकलने के बाद उन्होंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और फिर बारी-बारी से महंत दिग्विजयनाथ व महंत अवेद्यनाथ के समाधिस्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री गोशाला में पहुंचे और करीब आधे घंटे गायों के बीच रहे। इसी क्रम में वह जनता दर्शन के लिए हिंदू सेवाश्रम पहुंचे।
एक-एक फरियादी से मिले
समस्या के समाधान के आए व्यक्तियों के पास बारी-बारी से वह खुद गए और उनका आवेदन पत्र अपने हाथों से लेकर निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारी को सौंपा। यह सिलसिला यात्री निवास में बैठे लोगों की समस्या सुनने के बाद थमा। जनता दर्शन में ज्यादा मामले पुलिस और राजस्व विभाग के थे। समस्याओं के साथ आने वालों में ज्यादातर महिलाएं थीं। इस दौरान कमिश्नर रवि कुमार एनजी, जिलाधिकारी विजय किरन आनंद, डीआइजी जे रवींद्र गौड़े, एसएसपी विपिन ताडा, एसपी मंदिर सुरक्षा लाल भरत कुमार पाल, अजय सिंह आदि मौजूद रहे।
पांच माह की आरोही को दुलारने लगे योगी
जनता दर्शन के दौरान अपनी समस्या लेकर आई एक महिला की गोद में पांच माह की बच्ची को देखकर मुख्यमंत्री का बाल प्रेम उमड़ आया। पूछने पर पता चला कि बच्ची का नाम आरोही है। मुख्यमंत्री ने उसके सिर पर हाथ फेर कर आशीर्वाद और प्यार-दुलार दिया। उसी दौरान मुख्यमंत्री ने समस्या लेकर आए अन्य लोगों के बच्चों को चाकलेट मंगाकर दिया।
जनता दर्शन में मुख्यमंत्री से अपनी समस्या कहने आए लोगों में अपने भाई के साथ विचित्र पोषाक में टोपी लगाकर आया एक व्यक्ति सभी के आकर्षण का केंद्र था। मुख्यमंत्री जब उसके पास पहुंचे तो उसने जो पत्र दिया, उसमें मनोनीत एमएलसी बनाने की मांग की गई थी। मांग देख मुख्यमंत्री मुस्कुराने लगे और उसे राष्ट्रपति का चुनाव लडऩे की सलाह देकर आगे बढ़ गए। मुख्यमंत्री की सलाह सुन वहां मौजूद लोग हंस पड़े।
जनता दर्शन में प्रीति पांडेय नाम की एक प्रतियोगी छात्रा भी पहुंची हुई थी। उसने पत्रक देकर मुख्यमंत्री से मांग की कि टीजीटी के खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, जिससे बीएड किए हुए बेरोजगारों के लिए रोजगार का रास्ता खुल सके।