दंतेवाड़ा में माओवादी दंपति का सरेंडर

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू (घर वापस आइये) अभियान को लगातार सफलता मिल रही है। मंगलवार को नक्सली मिलिट्री प्लाटून के 7 लाख रुपये के इनामी दंपति ने हिंसा का रास्त छोड़ एसपी व सीआरपीएफ के डीआईजी के सामने सरेंडर कर दिया। समर्पित नक्सली श्यामगिरी, मैलावाड़ा, बुरकापाल व मदाड़ी की घटनाओं में शामिल रहा है, जिसमें कुल 42 जवान शहीद हुए थे। दोनों नक्सली 7 वर्षों से माओवादी संगठन से जुडक़र काम कर रहे थे। दोनों नक्सली कुआकोंडा थाना के स्थायी वारंटी हैं।
दंतेवाड़ा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि मलांगीर एरिया कमेटी अंतर्गत कार्यरत प्लाटून नंबर-24 का पीपीसीएम, बी सेक्शन कमांडर हुर्रा कुंजाम एवं प्लाटून नंबर-24 की पार्टी सदस्या बुधरी माड़वी ने सीआरपीएफ के डीआईजी विनय कुमार सिंह, एएसपी योगेश पटेल (नक्सल ऑप्स), दंतेवाड़ा एएसपी राजेंद्र जायसवाल के समक्ष एसपी कार्यालय में सरेंडर कर दिया। हुर्रा कुंजाम पर 5 लाख एवं महिला नक्सली बुधरी पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित था। दोनों नक्सली कटेकल्याण थाना क्षेत्र के निवासी हैं। सरेंडर करने वाले माओवादियों ने संगठन की खोखली विचारधारा से त्रस्त होना बताया है।
सरेंडर करने वाले हार्डकोर नक्सली दंपति वर्ष 2014 में शामगिरी रोड निर्माण की सुरक्षा में लगे जवानों को एम्बुश में फंसाये थे, जिसमें 5 जवान शहीद हुए थे। इसी तरह 2016 में मैलावाड़ा में आईईडी विस्फोट किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 7 जवान शहीद हुए थे। वर्ष 2017 में ग्राम बुरकापाल में एम्बुश लगाकर जवानों को फंसाया था, जिसमें सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हुए थे। इसी वर्ष ग्राम मदाड़ी में आईईडी ब्लास्ट किया था, जिसमें जिला पुलिस बल के 5 जवान शहीद हुए थे। दोनों नक्सलियों के खिलाफ कुआकोंडा थाना में कई धाराओं में केस दर्ज है। दोनों वारंटी नक्सली हैं।