राजधानी पटना में लालू यादव के 17 ठिकानों पर सीबीआई का छापा

 

पटना (बिहार)। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर सीबीआई की टीम छापेमारी करने पहुंची है। लालू के रेल मंत्री रहते रेलवे में हुए भर्ती घोटाला के सिलसिले में लालू परिवार के ठिकानों सहित देश में 17 जगह छापेमारी चल रही है। ज्ञानवापी विवाद मामले की आंच अब बिहार की सियासत को भी गर्म कर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तो कुछ भी नहीं कह रहे, लेकिन उनके कैबिनेट के मंत्री परस्पर विरोधी बयानबाजी कर रहे हैं। बिहार में मौसम का मिजाज बदलने से गर्मी से राहत मिली। हालांकि, तेज आंधी व बारिश के कारण राज्य में 25 लोगों की मौत भी हो गई है। इधर, वैशाली जिले में एक महिला ने अपने चार बच्चों को जहर खिलाकर आत्महत्या कर ली। महिला के तीन बच्चों की भी मौत हो गई है।
लालू के गोपालगंज के ठिकाने पर भी सीबीआई की रेड
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के 17 ठिकानों पर सीबीआई के रेड चल रही है। सीबीआई की ये रेड रेलवे में अवैध तरीके से नौकरी देने के बदले जमीन लेने के मामले में है। आरोप है कि लालू यादव 2004 से 2009 तक रेल मंत्री थे। तब रेलवे में नौकरी देने के बदले जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी। इसी मामले को लेकर के एनबीटी की टीम लालू यादव के गोपालगंज शहर में स्थित हजियापुर के आवास पर पहुंची, जहां सन्नाटा पसरा था। वहीं सीबीआई की टीम उचकागांव थाना क्षेत्र के इटवा गांव पहुंची। वहां लालू प्रसाद यादव के रिश्तेदार के घर सीबीआई की टीम ने छापेमारी शुरू कर दी है और रिकार्ड खंगाल रही है । सीबीआई की टीम लालू यादव के करीबी रिश्तेदार के यहां छापेमारी कर रही है। उचकागांव थाना क्षेत्र के इटवा गांव में सीबीआई की टीम छापेमारी अभियान चला रही है।
लालू-राबड़ी के खिलाफ सीबीआइ छापेमारी पर शिवानंद तिवारी का बयान- राबड़ी देवी के आवास सहित लालू यादव से जुड़े अन्य स्थानों पर सीबीआई की छापेमारी कहीं नीतीश कुमार को चेतावनी तो नहीं है जातिगत जनगणना के मुद्दे पर नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच बढ़ती हुई नजदीकी बीजेपी को असहज कर रही है। छापेमारी के समय का चयन तो इसी ओर इशारा कर रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जातिगत जनगणना के विरुद्ध है।

लालू के आवास पर चल रही छापेमारी के बाद सियासत तेज
लालू प्रसाद यादव और उनकी पुत्री व अन्य रिश्तेदारों के आवास पर चल रही छापेमारी पर सियासत तेज हो गई है। राजद ने इसे प्रायोजित बताया है। कांग्रेस ने भी छापेमारी पर आपत्ति जताई है। इधर भाजपा ने कहा है कि सीबीआइ स्वतंत्र संस्था है। छापेमारी सही है।