सीआइएसएफ में कांस्टेबिल की भर्ती परीक्षा में पकड़ाए छह मुन्नाभाई

रायपुर (छत्तीसगढ़)। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) की आरक्षक (जीडी) भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी करने वाले गैंग का छत्तीसगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दुर्ग जिले की पुलिस ने 4 अभ्यर्थी और 2 दलालों को गिरफ्तार किया है। सिपाही भर्ती परीक्षा में धांधली करने वाला यह गिरोह उत्तर प्रदेश का है। रीजनल ट्रेनिंग सेंटर उतई में आरक्षक भर्ती के दौरान बायोमेट्रिक्स टेस्ट के दौरान फर्जीवाड़ा करते पकड़ाए। आधार व अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान इनका न फोटो मैच हुआ और न ही भोपाल आरआरसी से मिले फिंगर प्रिंट। सभी मुन्नाभाइयों को उतई पुलिस के हवाले किया गया है।
दुर्ग एसपी अभिषेक पल्लव ने खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ाने वाले युवकों में एक मध्य प्रदेश के मुरैना का है। वहीं 5 अन्य युवक उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले हैं। सभी ने जीडी आरक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ का निवासी और छत्तीसगढ़ के अभ्यर्थियों के नाम पर आधार कार्ड बनवा रखा था। सभी मूल अभ्यर्थी की जगह यह युवक शामिल होने आए थे। चारों युवकों ने फर्जी दस्तावेजों पर लिखित परीक्षा दी और क्वालिफाई कर लिया। उसके बाद फिजिकल के लिए उनकी जगह आगरा के 4 और युवकों को लाया गया था। पुलिस ने आगरा से आए युवकों चंद्रशेखर सिंह, श्यामवीर सिंह, महेंद्र सिंह और अजीत सिंह को पकड़ा है। उनकी निशानदेही पर आगरा के ही मास्टरमाइंड हरिओम दत्त और मुरैना (एमपी) के दुर्गेश सिंह को गिरफ्तार किया है।