यासीन मलिक पर फैसला: टेरर फंडिंग के दो मामलों में यासीन को उम्रकैद, चार में 10-10 साल की जेल, 10 लाख का जुर्माना भी

नई दिल्ली। अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फंडिंग केस में उम्रकैद का फरमान सुना दिया है। यासीन को एनआईए कोर्ट पहले ही दोषी करार दे चुका है। यासीन पर पाकिस्तान के समर्थन से कश्मीर में आतंकी घटनाओं के लिए फंडिंग करने और आतंकियों को तबाही का सामान मुहैया कराने के मामले चल रहे हैं।

दो मामलों में उम्रकैद और 5 में १०-१० लाख का जुर्माना भी
स्पेशल जज ने यासीन पर आईपीसी धारा १२०बी के तहत १० साल, 10 हजार जुर्माना, 121ए के तहत १० साल की सजा १० हजार जुर्माना वहीं १७ यूएपीए के तहत आजीवन कारावास और १० लाख जुर्माना लगाया गया है। यूएपीए की धारा १३ के तहत पांच साल की सजा, यूएपीए की धारा १५ के तहत १० साल की सजा, यूएपीए की धारा ३८ और ३९ के तहत पांच साल पांच हजार जुर्माना लगाया गया है।