अग्निपथ का विरोध: पीपीगंज में करीब एक घंटे तक चला प्रदर्शनकारियों का उपद्रव

 

गोरखपुर। केंद्र सरकार की सेना भर्ती को लेकर नई नीति अग्निपथ के खिलाफ शुक्रवार को गोरखपुर के पीपीगंज में करीब एक घंटे तक बवाल चला। शुरुआत सुबह करीब साढ़े 10 बजे पीपीगंज कस्बे से हुई। नाजेबाजी करते पहुंचे करीब दो सौ युवाओं के हुजूम ने कस्बे में गोरखपुर-सोनौली रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया तो पुलिस ने यहां से हटा दिया। इसके बाद करीब 10.50 बजे प्रदर्शनकारियों का हुजूम थोड़ा आगे भगवानपुर चौराहे पर पहुंच गया और नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सोनौली की तरफ जा रही आगरा फोर्ट डिपो की बस के शीशे तोड़ डाले। कुछ प्राइवेट वाहनों को भी निशाना बनाया। पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी तो बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर बितर किया। इसके बाद करीब 11 बजे प्रदर्शनकारियों ने पीपीगंज रेलवे स्टेशन पर धावा बोल दिया। मुंह पर गमछा अथवा रुमाल बांधे प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन परिसर में लगे गमले और प्लेटफार्म पर बेंच व शीशे आदि तोड़ डाले। ट्रैक पर खड़ी मेंटीनेंस में इस्तेमाल की जाने वाली बोगी को भी तोडऩे का प्रयास किया। इस बीच भारी फोर्स पहुंच गई। एसडीएम और सीओ भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया तब प्रदर्शनकारी स्टेशन से हटे। हालात काबू में रखने के लिए पीपीगंज कस्बे, भगवानपुर और रेलवे स्टेशन पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन में शामिल युवा कस्बे में स्थित इंटर कालेज के मैदान पर रोज सुबह सेना भर्ती के लिए अभ्यास करते हैं। युवाओं के आक्रोश को पुलिस भांप नहीं पाई। प्रदर्शनकारियों की संख्या दो सौ से ज्यादा रही। पूरी प्लानिंग के तहत कस्बे में प्रदर्शनकारियों का जुटान जत्थों में हुआ। यही वजह है कि करीब एक घंटे तक बवाल चलता रहा और शुरुआत में पुलिस मूकदर्शक बनी रही।