शिवसेना करने जा रही शक्तिप्रदर्शन, कांग्रेस ने बुलाई मीटिंग, भाजपा बोली-कुछ भी हो सकता है

शिंदे पर कार्रवाई, विधायक दल के नेता बने चौधरी

नई दिल्ली। शिवसेना के सीनियर नेता रहे एकनाथ शिंदे की बगावत ने उद्धव ठाकरे सरकार को गहरे संकट में ला दिया है। इसके चलते महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। एकनाथ शिंदे तीन मंत्रियों समेत 26 विधायकों के साथ सूरत के एक होटल में डेरा जमाए हुए हैं। इसके चलते उद्धव ठाकरे की गठबंधन सरकार मुश्किल में है और उनके सत्ता से बेदखल होने का भी संकट खड़ा हो गया है। इस बीच शिवसेना ने कड़ा ऐक्शन लेते हुए एकनाथ शिंदे को पार्टी के विधायक दल के नेता पद से हटा दिया है। उनके स्थान पर सेवरी के विधायक अजय चौधरी को कमान दी गई है। वहीं एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के ऐक्शन के बाद उद्धव ठाकरे पर तंज कसा है। उन्होंने ट्वीट किया, हम बालासाहेब ठाकरे के कट्टर शिवसैनिक हैं। बालासाहेब ने हमें हिंदुत्व की सीख दी थी। हमने कभी इससे धोखा नहीं किया गया था और न ही कभी हिंदुत्व से गद्दारी करेंगे। हम बालासाहेब ठाकरे की सिखाई हुई बातों के साथ हैं।
उद्धव ठाकरे ने विधायकों के साथ की आपात बैठक
एकनाथ शिंदे का अपने समर्थक विधायकों के साथ गुजरात के सूरत में डेरा जमाए जाने की घटना के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट गहरा गया है। इस बीच सीएम उद्धव ठाकरे ने विधायकों के साथ आपात बैठक भी की।
एकनाथ शिंदे पर क्या बोले महाराष्ट्र भाजपा चीफ पाटिल
महाराष्ट्र भाजपा प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने एकनाथ शिंदे और शिवसेना विधायकों पर कहा, अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी, हम फिलहाल इंतजार कर रहे हैं और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। न ही एकनाथ शिंदे ने भाजपा को सरकार गठन का प्रस्ताव भेजा है और न ही भाजपा ने उन्हें कोई प्रस्ताव भेजा है।
विधान परिषद के नतीजों ने साफ किया महाराष्ट्र का माहौल- केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री रावसाहेब दानवे ने मंगलवार को कहा कि विधान परिषद चुनाव के बाद महाराष्ट्र में राजनीतिक माहौल साफ हो गया है और लोग महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार से तंग आ चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने दावा किया कि एमवीए में किसी का किसी पर भी कोई नियंत्रण नहीं है और लोगों की समस्याओं के प्रति पूरी तरह से लापरवाही बरती जा रही है। दानवे ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा, ‘विधान परिषद के चुनाव से यह स्पष्ट हो गया है कि एमवीए के वोट विभाजित थे और निर्दलीय सदस्यों ने हमारा (भाजपा) समर्थन किया। भाजपा के पांच उम्मीदवार जीते, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार को अन्य दो दलों (शिवसेना और राकांपा) ने हराया।’
उद्धव ठाकरे के पास हैं क्या विकल्प
कर्नाटक, मध्य प्रदेश की तरह अब महाराष्ट्र में भी लंबे राजनीतिक ड्रामे के बाद मौजूदा महा विकास अघाड़ी सरकार पर संकट के बादल मडराने लगे हैं। एकनाथ शिंदे और भाजपा के लिए जादुई आंकड़ा 37 नंबर है। अब ऐसे में उद्धव सरकार के पास क्या विकल्प हैं।
शिवसेना विधायक की पत्नी ने गुमशुदगी की दर्ज कराई शिकायत
महाराष्ट्र में राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना विधायक नितिन देशमुख की पत्नी ने स्थानीय पुलिस स्टेशन गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने उनकी जान को खतरा होने का अंदेशा जताया है। विधायक नितिन देशमुख महाराष्ट्र में बालापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और उन विधायकों में से एक हैं जो शिंदे के साथ गुजरात के सूरत में हैं।
एकनाथ शिंदे पर शिवसेना का ऐक्शन
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और शिवसेना के कद्दावर नेता एकनाथ शिंदे को बागी तेवर मंहगे साबित हुए हैं। एकनाथ शिंदे को शिवसेना ने विधायक दल नेता पद से हटा दिया है। बता दें कि शिंदे अपने संमर्थक 25 विधायकों के साथ गुजरात के सूरत में डेरा जमाए हुए हैं।