एसएचओ और कांस्टेबल के बीच समलैंगिक संबंध का खुलासा, एसपी ने किया सस्पेंड

 

नागौर (राजस्थान)। राजस्थान पुलिस के एसएचओ और कॉन्स्टेबल के बीच समलैंगिक संबंध का खुलासा हुआ है। यह मामला एसपी तक पहुंचा तो वह भी हैरान रह गए। जो कॉन्स्टेबल एसएचओ के साथ रिलेशन में था वही ब्लैकमेल करने लगा। एसएचओ से करीब ढाई लाख रुपए उसने ऐंठ लिए। धीरे-धीरे उसका लालच बढ़ता गया। उसने पांच लाख रुपए और लग्जरी कार तक की डिमांड कर डाली। उसके पास न्यूड वीडियो चैट से लेकर दोनों के बीच हुए फिजिकल रिलेशन तक के वीडियो थे। इसलिए एसएचओ भी दबाव में रहे। आखिरकार एसएचओ ने एसपी से शिकायत की। एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोपी कॉन्स्टेबल को सस्पेंड करने के साथ ही गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला नागौर का है।
दोनों ने कई बार फिजिकल रिलेशन बनाए: एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि नागौर स्थित एक थाने के एसएचओ (57) और डेगाना थाने में पोस्टेड कॉन्स्टेबल प्रदीप बाज्या (32) की करीब 8 महीने पहले फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। जब दोस्ती हुई, उस दौरान प्रदीप की तैनाती बड़ी खाटू थाने में थी। दोनों में अलग-अलग सोशल मीडिया ऐप से कॉन्टैक्ट में थे। दोनों के बीच अश्लील चैटिंग होने लगी। दोनों के बीच कई बार फिजिकल रिलेशन भी हुए। इतना ही नहीं दोनों के बीच रोजाना फोन सेक्स से लेकर न्यूड कॉलिंग तक होने लगी। इधर, एसएचओ को पता नहीं था कि कॉन्स्टेबल प्रदीप उसकी यह सारी हरकतें रिकॉर्ड कर रहा है। इसके बाद वह ब्लैकमेल करने लगा।

ब्लैकमेल कर ले चुका था ढाई लाख रुपए: जांच में सामने आया कि दोनों के बीच यह खेल पिछले 8 महीने से चल रहा था। कॉन्स्टेबल के मोबाइल में दोनों की हरकतों के वीडियो सेव थे। कुछ महीने पहले से वह एसएचओ को ब्लैकमेल करने लगा। इससे परेशान एसएचओ ढाई लाख रुपए दे चुका था। अब वह 5 लाख रुपए और लग्जरी कार मांग रहा था। सोमवार को एसपी राममूर्ति जोशी से एसएचओ ने शिकायत की। शिकायत में बताया कि डेगाना थाने में तैनात कॉन्स्टेबल प्रदीप बाज्या के पास उसके अश्लील वीडियो, फोटो और चैट हैं। वह इनके जरिए उसे ब्लैकमेल कर रहा है। एसएचओ ने सोमवार को इसकी शिकायत खींवसर थाने में दी थी। इसके बाद मामला दर्ज किया गया था।

सीओ को सौंपी जांच: एसपी राममूर्ति जोशी ने बताया कि शिकायत के बाद जांच की तो कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच नागौर सीओ विनोद कुमार सीपा को सौंपी गई है।