युवक ने भाई के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की लगाई गुहार: DIG ने विवेचक को केस डिटेल संग बुलाया

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22 अगस्त 2019 की रात में कैन्ट इलाके के भैरोपुर में दवा विक्रेता रंजीत की गोली मारकर हुई थी हत्या

गोरखपुर। कैन्ट इलाके के इंजीनियरिंग कालेज चौकी क्षेत्र के भैरोपुर निवासी संजीव कुमार ने डीआईजी से मुलाकात की। संजीव ने डीआईजी जे रविंदर गौड़ से अपने भाई रंजीत के हत्या रोपियो की गिरफ्तारी की मांग की। जिसके बाद डीआईजी ने केस के विवेचक को अपने दफ्तर बुलाकर केस की डिटेल देने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने मामले में उचित कार्यवायी का भरोसा दिया।

2019 में घर मे सो रहे रंजीत की हुई थी हत्या
संजीव कुमार ने डीआईजी को दिए पत्र में लिखा है कि उनका बड़ा भाई रंजीत कुमार भैरोपुर स्थित घर मे ही दवा की दुकान चलाता था। 22 अगस्त 2019 की रात रंजीत अपने कमरे में सो रहा था। संजीव बगल के कमरे में सो रहे थे। इस दौरान घर मे घुसकर कुछ लोगो ने रंजीत के सिर में गोली मार दी। पीजीआई में इलाज के दौरान 23 अगस्त 2019 को मौत हो गयी। संजीव की तहरीर पर शक के आधार पर पुलिस ने रंजीत के पिता रेलवे कर्मचारी राधेश्याम जो अब रिटायर हो चुके हैं, चाचा रम्भू पासवान व राजकुमार उर्फ बबलू पर हत्या का केस दर्ज किया। आरोप है कि मामले में कैन्ट पुलिस ने कोई कार्यवायी नही की और एक साल बाद ही फाइनल रिपोर्ट लगा दी। जिसके बाद संजीव ने अधिकारियों से गुहार लगाकर केस की पुनः विवेचना शुरू कराई। कुछ दिनतक केस की जांच कैन्ट पुलिस करती रही। फिर बाद में विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी गयी।आरोप है कि पिछले एक साल से विवेचना क्राइम ब्रांच में है। सिर्फ विवेचक बदलते है और संजीव के घर आंकर घटना की जानकारी लेते है और फिर चुपचाप बैठ जाते है। संजीव का कहना है कि अभी तक करीब चार साल हो गए लेकिन किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नही हुई।