गरीबों के मदद के लिए जीते हैं भोला यादव: अपनी संस्था के जरिए अबतक 100 लोगों की कर चुके हैं मदद, 40 लावारिश लाशों का खर्च भी उठाया

Listen to this article

गोरखपुर। कहते हैं न कि इंसान जो चाहे वह कर सकता है बस जरूरत है मजबूत इच्छाशक्ति क ी। कुछ इसी तरह अपनी मजबूत इच्छाशक्ति से गोरखपुर के सिंघडिय़ा के एक मार्बल व्यापारी ने गरीबों की सेवा करने की ठानी। नतीजा यह रहा कि एक साल में ही वह करीब 100 गरीबों की मदद कर चुके हैं।

हम बात कर रहे हैं सिंघडिय़ा में ज्ञान मार्बल्स की दुकान चलाने वाले भोला यादव की। उन्होंने एक साल पहले राष्ट्रीय गरीब कल्याण संघ नामक एक संस्था बनाई। संस्था के जरिए उन्होंने गरीबों की सेवा शुरू की। अब तक वे 100 के करीब लोगों की मदद कर चुके हैं। उनकी संस्था ने किसी को राशन मुहैया कराकर उसका पेट भरा। तो किसी गरीब के बेटी की शादी में राशन, सिलाई मशीन आदि भेंट कर मदद किया।

किसी बेरोजगार व गरीब युवा को चाय की टपरी खुलवाई। वहीं बीते चुनाव में उनकी संस्था ने अर्धसैनिक बलों के लिए भोजन की व्यवस्था कराई।

40 लावारिश लाशों को मोर्चरी भिजवाने में कर चुके हैं पुलिस की मदद
भोला यादव व उनकी संस्था यहीं नहीं रूकी। इलाके में मिलने वाले 40 लाशों को मर्चरी व अज्ञात में दाह संस्कार के लिए भी नकद देकर वे स्थानीय पुलिस की मदद कर चुके हैं।

एक्सीडेंड में मृत व्यक्ति के परिवार को दिलाया रोजगार
इस काम में उनका साथ इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी के चौकी इंचार्ज रहे व वर्तमान में यूनिवर्सिटी चौकी इंचार्ज अमित कुमार चौधरी ने भी दिया। दो माह पृूर्व सिंघडिय़ा की शीला चौधरी के पति का सडक़ हादसे में मौत हो गई थी। उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे थे। भीख मांगने की नौबत आ गई थी। जिसके बाद संस्था ने उनके परिवार के लिए चाय की दुकान खुलवाई।

चार दिन से महिला के बच्चे थे भूखे, दिया एक माह का राशन
बिछिया निवासी संध्या के पति ने उन्हें छोड़ दिया है। वह किसी तरह अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं। पिछले चार दिन से उनके बच्चों ने कुछ नहीं खाया था। किसी तरह शनिवार को यह बात चौकी इंचार्ज अमित चौधरी को पता
चली। जिसके बाद वह भोला यादव व उनकी संस्था से बात किए। संस्था ने महिला को एक माह का राशन दिया। इस दौरान संस्था राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष प्रतिमा यादव,उपाध्यक्ष कुसुम लता,प्रतिमा यादव, श्याम सुंदर यादव, विशाल कमार, सौरभ सिंह, संतोष शर्मा, सुरेश चौहान, विजय साहनी आदि मौजूद रहे।