अस्पताल संचालक ने किया रिसेप्शनिस्ट से रेप: सैलरी देने के बहाने केबिन में बुलाया था

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गोरखपुर। शहर के एक अस्पताल संचालक ने अपने ही अस्पताल में काम करने वाली रिसेप्शनिस्ट से रेप किया। जब रिसेप्शनिस्ट ने इसका विरोध किया। उसे बुरी तरह पीटा भी। वह रीसैप्शनिस्ट को आधी रात करीब एक बजे सैलरी देने के बहाने अपने केबिन में बुलाया था।

घटना शाहपुर इलाके के पादरी बाजार स्थित ‘न्यू लाइफ हॉस्पिटल’ की है। इस बीच रेप करते समय अस्पताल का एक स्टॉफ वहां आ गया। उसे आता देख संचालक युवती को केबिन से बाहर कर दिया। इसके बाद रिसेप्शनिस्ट पूरी रात एक कमरे में बैठकर रोती रही। सुबह होने पर उसने परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी।

पुलिस ने किया केस
रविवार को परिवार के लोगों के साथ युवती ने शाहपुर थाने पहुंचकर शिकायत की। इंस्पेक्टर शाहपुर रणधीर मिश्रा ने बताया, ”रिसेप्शनिस्ट की शिकायत पर लाइफ हॉस्पिटल के संचालक मनि पांडेय के खिलाफ रेप और मारपीट का केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा जा रहा है।”

आगे की कहानी, पीड़िता की जुबानी…

मेरा नाम महक (बदला हुआ नाम) है और मैं गोरखपुर जिले के एक गांव की रहने वाली हूं। मेरे पिता बाहर रहकर जॉब करते हैं। मैं अपने भाई, बहनों और मां के साथ गोरखपुर शहर में किराए का कमरा लेकर रहती हूं। परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में मैं अपनी पढ़ाई के साथ ही जॉब करना भी करने लगी।

पढ़ाई के साथ जॉब भी करती

शाहपुर इलाके के पादरी बाजार स्थित ‘न्यू लाइफ हॉस्पिटल’ में मैं रिसेप्शनिस्ट के पद पर काम करती हूं। यहां मेरी सैलरी 8500 रुपए है। लेकिन 6 महीने से अस्पताल के मालिक मणि पांडेय सैलरी नहीं दे रहे हैं। जब भी उनसे कोई सैलरी मांगता तो कभी एक हजार तो कभी 500 रुपए दे देते और कहते हैं अभी इसी से काम चला लो। बाकी का पैसा बाद में दूंगा। मुझे अपनी कॉलेज की फीस जमा करनी थी, इसलिए मैं कई दिनों से अस्पताल संचालक से अपनी सैलरी मांग रही थी।

नाइट शिफ्ट में कर रही थी ड्यूटी

”बात 20 अगस्त शनिवार की है। मेरी नाइट शिफ्ट थी। मैं ड्यूटी पर थी। तभी अस्पताल संचालक मणि पांडेय ने मुझे अपने केबिन में बुलवाया। उस वक्त मैं किसी काम में बीजी थी, इसलिए नहीं जा सकी। करीब एक घंटे के दौरान उसने मुझे कई बार बुलवाया। कभी वो किसी स्टॉफ को भेजता तो कभी अस्पताल के इंटरकॉम फोन पर कॉल करके बुलवाता।”

”रात एक बजे जब मैं फ्री हुई तो उसके केबिन में गई। उसने मुझे 500 रुपए देते हुए कहा तुम्हें पैसों की जरूरत थी, यह 500 रुपए रख लो। मैंने कहा, सर इसमें क्या होगा। इतने महीने की सैलरी आपने नहीं दी। मुझे अपनी फीस जमा करनी है। अगर आप सैलरी नहीं देंगे तो मैं काम नहीं कर पाउंगी।”

”इस पर मणि पांडेय ने कहा, सैलरी तो मैं किसी को नहीं देता हूं और जो ज्यादा बोलता उसे मारकर ठीक भी कर देता हूं। चाहो तो अस्पताल में किसी से पूछ लो। इतना कहते हुए मणि पांडेय ने मेरा बाल पकड़ लिया और मुझे केबिन की मेज पर पटकर जबरदस्ती मेरे साथ रेप किया। मैं जब इसका विरोध की तो उसने मुझे बुरी तरह पीटा भी और धमकी भी दी कि अगर यह बात मैंने किसी को बताई तो अच्छा नहीं होगा।”

”इस दौरान अस्पताल का एक स्टॉफ ​केबिन की तरह आ रहा था। मणि पांडेय ने अपनी केबिन में लगे CCTV में उसे आता देख लिया और डर कर मुझे छोड़ दिया। उसके छोड़ते ही मैं केबिन से निकलकर भाग गई और खुद को अस्पताल के एक कमरे में बंद कर ली। पूरी रात मैं अकेली अस्पताल में ही बैठी रोती रही। रात में ही मैंने इसकी जानकारी अपने मामा को दी।”

परिवार संग पहुंची थाने
”मामा ने कहा, तुम सुबह होते ही घर पहुंचो, मैं भी आता हूं। सुबह जैसे ही थोड़ा उजाला हुआ मैं अस्पताल से निकल गई और अपने घर पहुंची। घर पर परिवार के लोगों को इसके बारे में बताया। सभी लोग परेशान हो गए। इसके बाद मैं रविवार की शाम अपने परिवार के लोगों के साथ शाहपुर थाने पहुंची। जहां पुलिस ने मेरा अप्लीकेशन ले लिया और कहा, रात में केस दर्ज कर लिया जाएगा। सुबह आकर FIR की कॉपी ले जाना।”