केजीएमयू: मानसिक प्रताडऩा से तंग आकर छात्र ने लिखी चिट्ठी

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के वृद्धावस्था मानसिक चिकित्सा विभाग में सुपर स्पेशलिटी पाठ्यक्रम (डीएम) के छात्र ने विभाग के तीन शिक्षकों पर मानसिक प्रताडऩा और यौन उत्पीडऩ का इल्जाम लगाया है। छात्र का कहना है कि वायवा में जानबूझकर उन्हें फेल किया गया है। जबरदस्ती उनसे निजी काम करवाया जा रहा है। आंध्र प्रदेश निवासी डीएम छात्र ने मानवाधिकार आयोग, मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल, राज्यपाल और रेजिडेंट डाक्टर एसोसिएशन (आरडीए) के पदाधिकारियों को 12 पन्नों की चिट्ठी भेजकर अपनी आपबीती बताई है। छात्र के अनुसार उनका शैक्षणिक रिकार्ड हमेशा बेहतर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर उनके रिसर्च पेपर को अवार्ड भी मिला है। विभाग के शिक्षक लगातार उनका शोषण कर रहे हैं। बदले की भावना की वजह से उन्हें वायवा में फेल किया गया है। उनसे निजी काम भी करवाया जाता है। छात्र ने केजीएमयू प्रशासन से शिकायत कर अपने परीक्षा के पुनर्मूल्यांकन की मांग भी की है। आरडीए की अध्यक्ष डा. कावेरी और जनरल सेक्रेटरी डा. सौरभ का कहना है कि केजीएमयू प्रशासन की ओर से इस शिकायत पर कार्रवाई करने तक का वे इंतजार कर रहे हैं। यदि कार्यवाही नहीं होती है तो आगे पुख्ता कदम उठाए जाएंगे।