बिहार के लुटेरों ने की थी गल्ला व्यापारी से 6.54 लाख की लूट, चार लुटेरे अरेस्ट

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गोरखपुर। बिहार के मोतिहारी के रहने वाले लुटेरों ने बीते 28 अक्तूबर की सुुबह गल्ला व्यापारी 70 वर्षीय रामाकांत जायसवाल से 6.54 लाख की लूट की थी। कैंट, खोराबार,एसओजी की टीम ने सर्विलांस व आईटीएमएस की मदद से चार लुटेरों को सोमवार की सुबह अरेस्ट कर लिया। चारों की पहचान बिहार मोतिहारी के विजय महतो, मिथिलेश कुमार, सोनू कुमार और शत्रुघन साहनी के रूप में हुई। पुलिस ने इनके पास से व्यापारी के साथ हुए लूट के रकम में से 4 लाख और एक अन्य व्यक्ति के साथ हुए लृूट के 8 हजार रूपये बरामद किए हैं। साथ ही पुलिस ने घटना में प्रयोग की गई दो कार भी बरामद किया है। वहीं घटना में शामिल दो लुटेरे गोरखपुर का दीपक कुमार व सोनू साहनी कुछ लूट के पैसे लेकर फरार हो गए। घटना के खुलासे के बाद डीआईजी जे रविंदर गौड़ और एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने पुलिस टीम को 25-25 हजार के इनाम की घोषणा की है। वहीं लूट के शिकार रामाकांत जायसवाल ने एसएसपी व गोरखपुर पुलिस को धन्यवाद कहा और काम की सराहना की।
रामाकांत ने बताया कि जीवन में उन्हें इस घटना के नाते पहली बार थाने जाना पड़ा था। लेकिन तीन दिन में ही पुलिस ने असली आरोपियों को पकडक़र उनके पैसे दिला दिया।

एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर व एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्रोई ने बताया कि 26 अक्टूबर की सुबह कु शीनगर के अरविंद कुमार को कार सवारों ने पहले छोडऩे के बहाने कार में बैठा लिया और उनका आठ हजार छीन लिया। सूचना के बाद पुलिस जांच कर रही थी कि 28 अक्टूबर की सुबह हाजीपुर से रकम वसूल कर छावनी स्टेशन पर आए गल्ला व्यापारी रामाकांत जायसवाल को कुशीनगर छोडऩें के बहाने कार में बिठाया गया। आगे जंगल में उनकी पिटाई कर मोबाइल लिया गया और बैग मेंं रखा 6.54 हजार लूट लिया गया। पीडि़त व्यापारी को जगदीशपुर चौकी क्षेत्र में फेंक दिया गया था। पुलिस इस मामले की भी जांच कर रही थी। दोनों घटना एक तरह की थी। फिर व्यापारी ने अपने दो दिन की जो दिनचर्या बताई वह सही निकली। हालांकि हाजीपुर के जिस व्यापारी के यहां से पैसे लाने की बात हुई थी उसने नगद में देने से पुलिस की जांच में इंकार किया था। फिर भी व्यापारी रमाकांत के शरीर पर चोट थे उनके साथ मारपीट हुई थी। इसलिए पुलिस ने घटना को सही मानकर मुकदमा दर्ज किया। वहीं जो लूट 26 तारीख को हुई थी उसके भी पीडि़त को बुलाकर केस दर्ज किया गया।

सर्विलांस, सीसीटीवी व आइटीएमएस बना सहारा
एसएसपी ने बताया कि पीडि़त गल्ला व्यापारी रामाकांत ने गाड़ी का हुलिया बताया था। हुलिया के आधार पर मोहद्दीपुर व एम्स, नंदानगर अंडर पास के पास लगा सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। उसमें से कुछ गाडिय़ों को चिन्हित किया गया। फिर आईटीएमएस की मदद से सही गाड़ी का पता लगाया गया जिसमें उन्हें बिठाकर घटना हुई थी। फिर सर्विलांस की मदद से चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। एसएसपी ने बताया कि लुटेरों ने कुछ पैसे छठ त्योहार में अपने घर पर खर्च कर दिया है।वहीं कुछ पैसे फरार लुटेरों के पास है। गैंग का सरगना विजय महतो हैं जिसका मोतिहारी में आलीशान मकान है। एसएसपी के अनुसार इनका गैंग है जो बिहार के कई जिलों के साथ ही यूपी के कुशीनगर,महराजगंज, गोरखपुर आदि जगहों पर अपने निजी दो कार से आते हैं और रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन से सवारी बैठाने के लिए खड़ी कर देते हैं। दो युवक कार में बैठे रहते हैं एक चालक व दूसरा यात्री के रूप में। फिर यात्रियों को हावभाव से चिन्हित करते हैं और गाड़ी में बैठा लेते हैं। फिर अपने पास लिफाफा रखते हैं। रास्ते में पुलिस चेकिंग का बहाना बनाकर रूपये लिफाफे में रखवा लेते हैं। अगर कोई नही मानता है तो मारपीटकर लूट लेते हैं। इनके एक गाड़ी के पीछे दूसरी भी गाड़ी चलाते हैं ताकि कोई खराब स्थित में एक दूसरे की मदद कर सकें। बुजुर्ग व्यापारी को इन लोगों ने पहले रूपये एकाउंट में डालने को मांगा था उनके न देने पर पिटाई कर लूट ली। हालांकि मूल व्यापार खोराबार का ओमप्रकाश है जिसका सामान हाजीपुर जाता है। रामाकांत उसके परिचित हैं वह पुुराने गल्ला व्यापारी हैं लेकिन अब धंधा नहीं करते हैं। चूंकि ओमप्रकाश की माता की तबीयत खराब है तो उसने रामाकांत को वसूली के लिए हाजीपुर भेजा था। घटना का खुलासा करने वाली टीम में इंस्पेक्टर कैंट शशिभूषण राय, खोराबार इंस्पेक्टर कल्याण सिंह सागर, स्वाट टीम प्रभारी मनीष यादव आदि शामिल रहे।