व्यापारी के पेटीएम से कर्मचारी ने अपने खाते में रिफंड कराया 10 लाख रूपये, रकम से खरीदे गए डीज को पुलिस ने बरामद कर आरोपी को किया अरेस्ट

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गोरखपुर। जिले के कैंट थाने के गोलघर स्थित आटो मोबाइल के व्यापारी के पेटीएम से उन्हीं के कर्मचारी ने धीरे धीरे 10 लाख रूपये अपने खाते में रिफंड करा लिया। रिफं ड कराए गए रकम से आरोपी कर्मचारी ने डीजे खरीद कर अपना खुद का व्यापार शुरू कर दिया। पुलिस ने व्यापारी की तहरीर पर केस दर्ज कर आरोपी अंकुश पासवान निवासी कुलई अमटौरा थाना गीडा को अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने गबन के पैसे से खरीदे गए डीजे को भी बरामद कर लिया है।

एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्रोई ने बताया कि गोलघर के गणेश चौराहे पर वशिष्ठ नारायण पांडेय की पांडेय आटो मोबाइल्स नामक टायर की दुकान है। उनके दुकान पर अमटौरा निवासी अंकुश पासवान डेढ वर्षों से काम करता है। उसके साथ ही दुकान पर दो अन्य कर्मचारी भी काम करते हैं। दुकान पर ग्राहको की काफी भीड़ रहती है। कई बार ग्राहकों का दिया हुआ पैसा जब तकनीकी कारण से उनके खाते में नहीं आ पाता था तो वह अंकुश पासवान के खाते में पेटीएम से मंगा लेते थे। बाद में अंकुश के खाते से पेटीएम बिजनेस द्वारा अपने खाते में ले लेते थे। जब अंकुश पेटीएम के काम में निपुण हो गया तो अप्रैल 2022 से अंकुश पासवान ग्राहको का पैसा पेटीएम से अपने खाते म ले लेता था और फिर उस पैसे को दुकान मालिक के खाते में भेज देता था। बाद में उस भेजे गए पैसे को अपने खाते में रिफंड सिस्टम के जरिए वापस ले लेता था। इस तरह से करीब १० लाख रूपये अंकुश ने अपने खाते में मंगा लिया। जब दुकान के मालिक को शंका हुई कि बार बार मेरे मोबाइल पर पैसा रिफण्ड होने का मैसेज क्यों आता है तो उन्होनें अपने एकाउण्टेन्ट से इस विषय में पूछा। एकाउण्टेन्ट को भी जानकारी न होने के कारण बताया गया कि यह पैसा वापस हो जाएगा। जब सेठ ने आडिट कराया तो उसे अंकुश के जालसाजी की जानकारी हुई। जिसके बाद वशिष्ठ ने अंकुश के खिलाफ मुकदमा कराया। जिसके बाद इंस्पेक्टर शशि भूषण राय और उनकी टीम ने अंकुश को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में अंकुश ने स्वीकार किया कि करीब 10 लाख रुपया उसने रिफण्ड के माध्यम से गबन किया है और इसके द्वारा डीजे का सामान करीब 06 लाख का खरीदा है।