डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष वर्सेज रेसलर्स-विनोश फोगाट के डेढ़ घंटे में दो ट्वीट, लिखा- सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं

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पानीपत (हरियाणा)। भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष सांसद बृजभूषण शरण सिंह और इंटरनेशनल रेसलर्स के
विवाद को 4 दिन बीत चुके हैं। खेल मंत्रालय ने इसकी जांच के लिए कमेटी बना दी है। इस मामले की जांच शुरू होने के बाद खिलाडिय़ों ने मीडिया से किनारा कर रखा है। हालांकि ट्वीट के जरिए विनेश फोगाट ने कुछ संकेत दिए हैं। विनेश ने डेढ़ घंटे में 2 ट्वीट किए। पहले ट्वीट में विनेश ने लिखा- सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं। इसके बाद उनका दूसरा ट्वीट आया- मुकाम बड़ा हो तो हौसलों में बुलंदी रखना।
इसको लेकर यूजर्स भी उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। यूजर्स लिख रहे हैं, विनेश, आप आयरन लेडी हो, जीत अवश्य ही मिलेगी। वहीं, कुछ यूजर ने लिखा कि सत्य आरोप लगाकर सबूत भी देता है। आपको सबूत देने के साथ आरोपी के खिलाफ स्नढ्ढक्र भी करवानी चाहिए थी।
बजरंग ने अर्जुन अवार्डी कोच के आरोपों का किया समर्थन
वहीं, बजरंग पुनिया ने भी 11:39 बजे एक ट्वीट किया है। जिसमें उन्होंने अर्जुन अवॉर्डी कुश्ती कोच कृपाशंकर बिश्नोई के
आरोपों का समर्थन किया है। जिसमें कोच ने कहा है कि कुश्ती में कई गड़बडिय़ां हैं, उन्होंने भी शिकायत की थी। मगर सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने 17 दिसंबर 2022 को भारतीय कुश्ती संघ को मेल के जरिए 28 ऐसे रेफरी की नाम सहित जानकारी दी थी, जो
नौसीखिए हैं। उन्होंने कुश्ती के नए नियमों पर भी सवाल खड़े किए थे। लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नियमों को लेकर उन्होंने जब आपत्ति दर्ज करवाई तो उन्हें हटा दिया गया था।
उन्होंने कहा कि यहां चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। खिलाडिय़ों का तो लंबा-चौड़ा नुकसान हो चुका है। क्योंकि फेडरेशन के सहायक सचिव विनोद तोमर चेहरा देखकर तय करते हैं कि आपकी उम्र क्या है? वे जन्म प्रमाण पत्र को नहीं मानते। 3-4 साल पहले ही जन्म प्रमाण पत्र का नियम लागू हुआ है। कोई खिलाड़ी इसे बनवाकर लाता है तो इसे गलत माना जाता है।
1. रेसलर्स ने दिल्ली जंतर-मंतर में धरना शुरू कर दिया। जिसमें विनेश फोगाट ने रोते हुए आरोप लगाए कि फेडरेशन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीडऩ करते हैं। कुछ कोच तो सालों से यौन उत्पीडऩ करते आ रहे हैं। बृजभूषण खिलाडिय़ों के होटल में रुकते थे। जो नियमों के खिलाफ है। यहां तक कि उसी फ्लोर पर अपना कमरा रखते थे, जहां महिला पहलवान ठहरी हैं। जानबूझकर अपना कमरा खुला रखते थे। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद ङ्खस्नढ्ढ के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा। मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। मैं हर दिन खुद को खत्म करने की सोचती।
2. इसके बाद संघ अध्यक्ष बृजभूषण सामने आए। उन्होंने कहा कि मुद्दे तब सामने आते हैं जब नए नियम और विनियम लाए जाते हैं। धरने पर बैठे पहलवानों ने ओलिंपिक के बाद किसी भी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का उत्पीडऩ नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पांसर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल भी खेलने योग्य नहीं रहे हैं। साथ ही ये कुश्ती पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं। इसलिए यह सब किया गया है।
3. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीटिंग की। मंत्री चंडीगढ़ से लौटे और पहलवानों को अपने सरकारी आवास पर डिनर के लिए
बुलाया। उन्होंने खिलाडिय़ों से करीब पौने चार घंटे बातचीत की और कुश्ती संघ के अध्यक्ष के जवाब का इंतजार करने को कहा। पहलवानों को विभिन्न तरह के आश्वसन दिए गए। मगर बातचीत से पहलवान संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने उस दौरान मांग रखी कि अध्यक्ष को हटाया जाए। इसके बाद उन्होंने कुश्ती संघ को भंग कराने की बात कही।
4. खिलाडिय़ों ने खेल मंत्री से बातचीत के बाद फिर से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया। अब यहां खिलाडिय़ों के समर्थन में
हरियाणा भर से खिलाड़ी पहुंचने लगे। यहां तक कि हरियाणा की खापों ने भी समर्थन दे दिया। चरखी दादरी से 7 खापों ने
समर्थन में दिल्ली कूच किया। धीरे-धीरे धरना स्थल पर भीड़ बढऩे लगी। यहां से आंदोलनकारी खिलाडिय़ों ने ऐलान किया कि वे अब न्याय मिलने तक न ही कोई कैंप जॉइन करेंगे। न ही वे किसी भी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। अब वे खेल और खिलाडिय़ों की हक की लड़ाई लडेंगे।
5. आंदोलन बढ़ता देख भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन ने जांच कमेटी बनाई। जिसकी अध्यक्ष ऊषा ने कमेटी की अध्यक्ष
मैरीकॉम को बनाया। 7 सदस्यों की कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए। इस कमेटी में बॉक्सर मैरीकॉम, तीरअंदाज डोला बनर्जी, बैडमिंटन प्लेयर अलकनंदा अशोक, फ्री स्टाइल कुश्तीबाज योगेश्वर दत्त, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव और 2 वकील शामिल हैं।
6. अनुराग ठाकुर ने फिर मीटिंग की। यहां देर रात 7 घंटे तक चली मीटिंग में खेल मंत्रालय ने एक निगरानी समिति बनाने का फैसला लिया। यह समिति जांच पूरी होने तक कुश्ती संघ का काम देखेगी। समिति आरोपों की जांच भी करेगी। ओलिंपिक मेडल विजेता मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम को इस पांच मेंबर्स वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि समिति 4 सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मैरी कॉम की टीम में ओलिंपिक मेडलिस्ट योगेश्वर दत्त, ध्यानचंद अवॉर्डी तृप्ती मुरगुंडे, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की सदस्य राधिका श्रीमन के अलावा कमेटी के पूर्व-सीईओ कमांडर राजेश राजगोपालन को भी शामिल किया गया है। इन आश्वान के बाद पहलवानों ने धरना खत्म किया।