चर्चा में 29 नए अमीर, हैरत में खुफिया एजेंसियां

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समाजसेवा के नाम पर आये दिन बांट रहे नोटों की गड्डी

 

गोरखपुर। लाख दो लाख रुपये तो इनके लिए हजार दो हजार बनकर रह गया है। आखिर, गोरखपुर आसपास के रहने वाले ये नव उद्यमी कौन सा व्यवसाय कर रहे कि इनके पास महज चार सालों में करोड़ों की संपत्ति बन गई। समाजसेवा के नाम पर कुछ नये नेता टाइप समाजसेवी आये दिन नोटों की गड्डी बांट रहे। बहरहाल, खुफिया एजेंसियों ने ऐसे नव धनाढ्यों पर निगाह गड़ा दी है। खुफिया एजेंसियों के निशाने पर शहर और आसपास के ऐसे कई अमीर रडार पर हैं जो महज कुछ ही सालों में करोड़ों के मालिक हो गये हैं। अभी तक ऐसे 29 नव धनाढयों की सूची खुफिया विभाग ने तैयार की है। इसमें कई सफेदपोश ऐसे हैं जो गोरखपुर जिले को छोडक़र अन्य जगह से विधानसभा चुनाव लडऩे की तैयारी में भी है। इतना ही नहीं कई ऐसे हैं जो किसी भी पार्टी से टिकट मिलने का इंतजार कर रहे। खुफिया एजेंसियां ऐसे सभी लोगों के आय-व्यय के खर्च के बारे में सूचना जुटाने में लगी हुई हैं। विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय हुई खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज के कई लोग पिछले दो तीन साल में अकूत संपत्ति बना चुके हैं। हैरत इस बात की है कि आखिर ये कौन सा उद्यम कर रहे हैं कि महज कुछ ही सालों में इनकी संपत्ति कई गुना बढ़ गई।