5 साल पहले जो प्रश्न प्रदेश था वह आज उत्तरप्रदेश बन गया

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लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की कानून व्यवस्था बदहाल थी। गुण्डा राज था। अब माफिया राज खत्म हो गया है। पांच साल पहले जो प्रश्न प्रदेश था, वह आज उत्तर प्रदेश बन गया है। महिला सुरक्षा के लिये उनकी सरकार ने सबसे अधिक काम किया है। मुख्यमंत्री ने ये बातें बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित रिक्रूट महिला आरक्षियों की दीक्षान्त परेड समारोह में कहीं।
उन्होंने 519 रिक्रूट आरक्षियों की परेड की सलामी लेने के बाद कहा कि प्रदेश की ये बेटियां हर कदम पर आगे रहेंगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से लखनऊ कमिश्नरेट के नये भवन का शिलान्यास किया। साथ ही प्रदेश की 33 पुलिस लाइन में बने नये भवनों का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश की कानून-व्यवस्था व महिलाओं की सुरक्षा पर सिर्फ प्रदेश में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में सवाल खड़े होते थे। मार्च 2017 में हमारी सरकार ने तय किया था कि भर्ती प्रकिया में 20 फीसदी महिलाओं और बेटियों को स्थान दिया जायेगा। साढ़े चार साल में जो भी पुलिस की भर्ती हुई, उसमें प्रदेश की बेटियों ने बढ़चढक़र हिस्सा लिया। इसकी लघु झलक इस दीक्षान्त परेड में देखने को भी मिली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले सिर्फ छह हजार रिक्रूट का प्रशिक्षण हो सकता था लेकिन अब 15 हजार 428 रिक्रूट सफल प्रशिक्षण के बाद अलग-अलग जिलों में दीक्षान्त परेड में शामिल हुए हैं। इन रिक्रूटों को उच्च कोटि की ट्रेनिंग दिलाने की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने महिला आरक्षियों की परेड की सराहना कर उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये रिक्रूट कानून व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। उन्होंने उम्मीद के साथ कहा कि नए रिक्रूट सरकार की जीरो टालरेंस की नीति के तहत ही काम करेंगे।
इस मौके पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र, डीजीपी मुकुल गोयल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी, एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर समेत कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। परेड आयोजन की पूरी व्यवस्था एडीसीपी लाइन प्राची सिंह ने संभाली।