श्रद्धा व विश्वासपूर्वक मनाई गई बैकुंठ एकादशी

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देवरिया। एकादशी गुरुवार को श्रद्धा व विश्वासपूर्वक मनाई गई। घर से लेकर मंदिरों तक उत्सव का माहौल रहा। व्रत, पूजन और भजन कीर्तन में श्रद्धालु निरत रहे। श्रीतिरुपति बालाजी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालु जुटने लगे। भगवान का नित्य पूजन और आराधना की गई। सूर्योदय के साथ मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से भर गया। सभी भक्तिभाव में डूबे भगवान की आराधना को अधीर हो रहे थे। कुछ ही देर में स्वामी राजनारायणचार्य मंदिर में आए। उन्होंने पुजारियों संग भगवान का पूजन अर्चन किया। मंदिर में बनाए गए भव्य बैकुंठद्वार का पूजन किया। यहां शटकोप स्वामी की पूजा की गई। इसके बाद भगवान वेंकटेश की भव्य सवारी निकली। आगे आगे सवारी चलती पीछे श्रद्धालु जयघोष करते चले रहे थे। श्रद्धा के समुद्र में विशिष्टता का भेदभाव त्यागकर हर कोई बस भगवान का नाम लेता चला रहा था। चारों ओर बस वेंकटरमणम गोविंदा, वेंकटरमणम गोविंदा…. का जयघोष ही सुनाई दे रहा था। स्वामी राजनारायणाचार्य समेत श्रद्धालुओं में भगवान की पालकी को कंधा देने की होड़ सी लग गई। सभी इस पुण्य क्षण को जैसे पा लेने को उतावले हुए जा रहे थे। कोशिशों के बाद भी किसी-किसी को ही पालकी को कंधा देने का अवसर मिल पा रहा था। बाकी श्रद्धालु हाथ से पालकी को स्पर्श कर भगवान के सानिध्य का सुख लूट पा रहे थे। सवारी जैसे ही बैकुंठद्वार से आगे बढ़ी हाथों में आरती की थाल लिए सैकड़ों महिला श्रद्धालु भगवान की आरती उतारने लगीं। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिभाव से परिपूर्ण हो गया। मंदिर की परिक्रमा कर भगवान की सवारी वापस मंदिर परिसर में पहुंची। अंत में सभी श्रद्धालुओं को हलवा, खीर, फल, कंद, मूल, फलाहारी पकौड़ी आदि प्रसाद स्वरुप वितरित किया गया। इस मौके पर स्वामी अखिलेश्वरानंद, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, मुक्तिनाथ त्रिपाठी, अशोक अग्रवाल, प्रभुदयाल जायसवाल, संजय जाखोदिया, डॉ. अभय द्विवेदी, देवदत्त केजरीवाल, शिवा, एनडी तिवारी, प्रदीप जी, प्रशांत जी आदि मौजूद रहे।