पटना के अस्पतालों में 500 चिकित्सक संक्रमित

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पटना (बिहार)। आरा के संजय सिंह को ब्रेन हैमरेज हुआ। उनके परिजन उन्हें लेकर शनिवार की शाम को आईजीआईएमएस इमरजेंसी में पहुंचे लेकिन उन्हें भर्ती नहीं लिया गया। बताया गया कि यहां कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों का ही इमरजेंसी में भर्ती लिया जाएगा। साथ ही यह भी बताया गया कि मरीज के लिए आईसीयू में बेड की उपलब्धता नहीं है। ऐसे में परिजन उन्हें पाटलिपुत्र कॉलोनी के निजी अस्पताल में ले गए। रेलवे में टीटीई का कार्य करने वाले डीपी सिंह (बदला नाम) राजेंद्र नगर के एक न्यूरोलॉजी के विशेषज्ञ चिकित्सक से अपना इलाज करा रहे थे। तीन दिन पहले अचानक उनके सिर में तेज दर्द हुआ। जब वे उस डॉक्टर के पास पहुंचे तो पहले रैपिड एंटीजन किट से कोरोना जांच की गई। उसमें वे संक्रमित पाए गए। सिर दर्द से वे लगभग बेहोशी की अवस्था में थे। बावजूद संक्रमण के भय से डॉक्टर ने उन्हें देखने से इंकार कर दिया और कोविड अस्पताल ले जाने की सलाह दी। ऐसा तब है जब वे पिछले एक साल से उस डॉक्टर की देखरेख में ही अपना इलाज करा रहे थे।
पटना एम्स के सर्जरी वार्ड में तीन माह का बच्चा सिर में पानी की बीमारी से ग्रसित होकर भर्ती था। उसके ऑपरेशन की तिथि तय कर दी गयी थी। इसके एक दिन पहले उसके ऑपरेशन को एक सप्ताह के लिए टालने की सूचना परिजनों को दी गई। बताया गया कि कोरोना संक्रमण के कारण अभी ऑपरेशन संभव नहीं है। यह तब की स्थिति है जब उस बच्चे का सिर का फूला हुआ हिस्सा तेजी से बड़ा हो रहा था।