जानिए, गणेश चतुर्थी में कैसे करें भगवान गणेश की पूजा

Listen to this article

गोरखपुर। माघ महीने की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ का व्रत रखा जाता है वैसे प्रत्येक महीने में दो चतुर्थी आती है लेकिन माह माह की चतुर्थी को बेहद खास माना गया है। इस दिन प्रथम पूज्यनीय भगवान गणेश की पूजा से सभी कष्ट, दुख और पापों का क्षय हो जाता है। सकट चौथ पर गणेश जी के पूजन और व्रत में कुछ आवश्यक रुप से ध्यान रखना चाहिए। आइए बताते हैं कि सकट चौथ की पूजा विधि और कौन से काम इस दिन नहीं करने हैं…
सकट चौथ: सकट चौथ को कई जगहों पर संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। बहुत से लोग इसे तिलकुट चौथ के नाम से भी जानते है। इस दिन माताएं अपनी संतान के लिए व्रत रखती है और शाम के समय चन्द्रमा को अघ्र्य देने के बाद व्रत खोलती है। सकट चौथ के दिन तिल और गुड़ से बनी चीजें बनाई जाती है और इन्हीं का भगवान गणेश को भोग लगाया जाता है। ज्योतिषविद के मुताबिक सकट चौथ की पूजा के दौरान विशेष नियमों का पालन करना चाहिए, जाने अनजाने की गई गलतियों की वजह से पूजा और व्रत का पूरा फल प्राप्त नहीं होता है।
सकट चौथ के दौरान न करें ये गलतियां:
गणपति को तुलसी न चढ़ाएं: सकट के दिन गणेश जी के पूजन में भूलकर भी तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए। पौराणिक कथा के अनुसार गणेश जी ने तुलसी जी का विवाह प्रस्ताव ठुकरा दिया था जिसके बाद तुलसी जी ने गणेश जी को दो विवाह का श्राप दिया था तो वहीं गणेश जी ने तुलसी का विवाह एक राक्षस के साथ होने का श्राप दिया। इसके बाद गणेश पूजन में तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता है।