पकड़ी गई 10 करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी

Listen to this article

 

लखनऊ। मैन पावर उपलब्ध कराने वाली एक सेवा प्रदाता कंपनी ने फर्जी फर्म बनाकर लगातार तीन वर्ष तक सरकार को करोड़ों का चूना लगाया। कंपनी ने फर्जी फर्म बनाकर सरकार से आईटीसी क्लेम का करीब 10.66 करोड़ रुपये वसूला। जांच में इतनी बड़ी जीएसटी चोरी देख अफसरों के होश उड़़ गए। विभाग ने तत्काल करीब 50 लाख रुपये जमा करा लिए हैं। नया तरीका देख जांच के बाद महकमे में हडक़ंप मच गया। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 भूपेंद्र शुक्ला के निर्देश पर ज्वाइंट कमिश्नर अजय वर्मा के नेतृत्व में डिप्टी कमिश्नर पूजा तिवारी, असिस्टेंट कमिश्नर संदीप वर्मा, अखिलेश दुबे, प्रशांत सिंह एवं कपिलदेव तिवारी की विशेष अनुसंधान शाखा ने गोमतीनगर स्थित एक सेवा प्रदाता कंपनी की फर्म और कार्यालय की गुरुवार जांच शुरू की। लगातार चली जांच में करोड़ों के आईटीसी क्लेम देख गहन पड़ताल शुरू की तो करोड़ों का हेरफेर सामने आया।
टैक्स चोरी के लिए अपनाया ये तरीका: लगातार तीन साल तक नए तरीके अपना आईटीसी क्लेम सरकार से लिया गया। वर्ष 2017-18 में फर्जी दो फर्में बनाई गईं। बिना खरीद बिक्री के एक दूसरे को टैक्स इनवाइस जारी कर आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का 2.37 करोड़ का लाभ सरकार से लिया गया।साल 2018 से 2020 में कोई खरीद बिक्री न होते हुए भी गलत तरीकों से रिटर्न में दिखाकर करीब सात करोड़ का क्लेम वसूला गया। वर्ष 2021-22 में व्यापारी ने अपने भाई के नाम से दूसरे शहर में अलग फर्म खोली। इस फर्म में माल की खरीद दिखाकर सेवा क्षेत्र वाली इस कंपनी ने सरकार से तकरीबन 59 लाख का क्लेम वसूल लिया।