दूसरे के प्रमाण पत्र पर दस वर्ष शिक्षक बना रहा सीआईएसएफ का बर्खास्त जवान

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गोरखपुर। सीआईएसएफ से बर्खास्त एक जवान दूसरे के नाम का फर्जी अंक पत्र लगाकर 10 साल शिक्षक की नौकरी करता रहा। शिक्षक को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए फर्जी शिक्षक की पहचान सहजनवा के भीटी रावत निवासी विश्वजीत कुमार के रूप में हुई है। वर्तमान में वह रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के भगत चौराहा स्थित न्यू रामपुर कॉलोनी में रह रहा था और कैंपियरगंज के परसा प्राथमिक स्कूल पर पढ़ा रहा था। एसटीएफ ने उसके घर से पकडक़र रामगढ़ताल थाने को सुपुर्द कर जेल भिजवा दिया है। एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित विश्वजीत कुमार दिनेश चंद्र पुत्र भागीरथी की जगह बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहा था। उसने दिनेश के नाम का फर्जी अंकपत्र व अन्य कागजात बनवाकर नौकरी हासिल की थी। जानकारी होने के बाद अप्रैल 2021 में उसके खिलाफ जालसाजी व कूटरचित दस्तावेज लगाने के आरोप में केस दर्ज था।
सीआईएसएफ से बर्खास्त: एसटीएफ के अनुसार विश्वजीत 1998 में सीआईएसएफ में आरक्षी के पद पर भर्ती हुआ था। गलत आचरण की वजह से 2003 में बर्खास्त कर दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2011 में फर्जी तरीके से शिक्षक की नौकरी हासिल की।
लोन पर ले ली कार तब हुआ खुलासा: आरोपी विश्वजीत कुमार ने दिनेश चंद्र का पैन कार्ड व अन्य कागजात लगाकर बैंक से एक ब्रेजा कार लोन करा ली। इसकी जानकारी दिनेश को हो गई और उन्होंने शिकायत की। इसके बाद आरोपित विश्वजीत को बेसिक शिक्षा विभाग से बर्खास्त कर दिया गया था और कैंपियरगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था।